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शेयर बाजार
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टेलीकॉम घोटाले पर सर्वोच्च न्यायालय के ताजा आदेश को कुछ लोग भले ही इस क्षेत्र के लिए एक बड़ा झटका मानें और कुछ लोग इसके चलते भारत में विदेशी निवेश की संभावनाओं पर असर होने की आशंका जतायें, लेकिन शेयर बाजार में इसे लेकर कोई खास घबराहट नहीं दिखी।
इस फैसले के बाद भी शेयर बाजार में हरियाली कायम रही। यह फैसला सुबह करीब 10.30 बजे ही आ गया था। थोड़ी देर के लिए लगा कि बाजार में इससे बेचैनी बढ़ी है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी पिछले बंद स्तर 5235 की तुलना में अच्छी बढ़त के साथ करीब 5270-5290 के दायरे में चल रहा था। फैसले के बाद यह थोड़ी देर के लिए फिसल कर 5250 के नीचे आ गया, लेकिन तुरंत ही सँभल गया। इसके बाद करीब 11 बजे इसमें फिर कुछ गिरावट शुरू हुई और सवा ग्यारह बजे के आसपास यह कुछ मिनटों के लिए लाल निशान में भी हल्की गिरावट के साथ चला। लेकिन करीब 12 बजे तक यह वापस 5270 के स्तर पर लौट आया इसके बाद यह हरे निशान में ही मोटे तौर पर 5250-5285 के दायरे में घूमता रहा।
चुनिंदा टेलीकॉम शेयरों पर इस फैसले का जरूर असर दिखा। इस फैसले के तुरंत बाद रिलायंस कम्युनिकेशंस में तीखी गिरावट आयी। यह बीएसई में पिछले बंद स्तर 100.40 रुपये की तुलना में 91.05 रुपये तक फिसल गया, जहाँ इसकी गिरावट 9.3% थी। उस समय कई समाचार माध्यमों पर खबरें आयीं कि कंपनी के 13 लाइसेंस रद्द किये गये हैं। लेकिन कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसका कोई लाइसेंस रद्द नहीं हुआ है। इसके बाद कंपनी का शेयर भाव कुछ सँभला जरूर, लेकिन दिन भर लाल निशान में दबाव पर ही रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में यह 3.54% की गिरावट के साथ 95.85 रुपये पर बंद हुआ।
रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक (यूनिनॉर में हिस्सेदार) का शेयर इस फैसले के बाद एकदम से गोता लगा गया। यह 27 रुपये के पिछले बंद स्तर के आसपास ही चल रहा था, लेकिन देखते-देखते यह 23.20 रुपये तक फिसल गया, जहाँ यह 14.1% के नुकसान पर था। हालाँकि बाद में इसकी गिरावट में कमी आयी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में यह 7.04% की गिरावट के साथ 25.10 रुपये पर बंद हुआ। डीबी रियल्टी भी इस फैसले के बाद एकदम से लुढ़का। फैसले से पहले यह करीब 64 रुपये के भाव पर था और एकदम से 57.20 तक का गोता लगा गया, जहाँ यह पिछले बंद स्तर से 8.6% नीचे था। लेकिन इसके बाद यह शेयर धीरे-धीरे वापस सँभला और दोपहर में कुछ समय के लिए हरे निशान में भी लौट आया। अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में यह 0.30% की गिरावट के साथ 62.30 रुपये पर बंद हुआ। डीबी रियल्टी ने ही स्वान टेलीकॉम का गठन किया था, जिसे बाद में एतिसालात के साथ गठबंधन के बाद एतिसालात डीबी बना दिया गया।
अपने 21 लाइसेंस गँवाने वाली वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज ने भी ऐसा ही रुख दिखाया। यह करीब 175 पर चल रहा था, जहाँ से लुढ़क कर 166.10 तक फिसला। इस तरह दिन के निचले स्तर पर यह करीब 4.3% नुकसान पर था। लेकिन बाद में यह भी काफी हद तक वापस सँभल गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में यह 0.92% की गिरावट के साथ 171.95 रुपये पर बंद हुआ। आइडिया सेलुलर का रुख बाकी शेयरों से थोड़ा अलग रहा। फैसले के तुरंत बाद इसमें कोई बड़ी प्रतिक्रिया नहीं हुई। कुछ मिनटों के लिए लाल निशान में जाने के बाद यह एकदम से उछला और करीब 93-94 के स्तर से उछल कर 99.75 तक चला गया, जहाँ इसमें पिछले बंद स्तर 93.35 से 6.9% की मजबूती दिख रही थी। लेकिन बाद में करीब 11-11.15 के आसपास यह फिर से गिर कर 88.85 रुपये तक फिसल गया, जहाँ यह पिछले दिन से 4.8% नीचे था। इसके बाद यह शेयर फिर से सँभला और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में यह 2.68% की तेजी के साथ 95.85 रुपये पर बंद हुआ।
वहीं भारती एयरटेल के शेयर में अदालत का फैसला आते ही तेज उछाल दिखी और इसके बाद यह पूरे दिन मजबूत बना रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में यह 6.88% की तेजी के साथ 385.95 रुपये पर बंद हुआ। भारती एयरटेल का एक भी लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है। (शेयर मंथन, 02 जनवरी 2012) |
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Last Updated ( Thursday, 02 February 2012 17:16 )
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