|
News -
पूँजी बाजार (पब्लिक इश्यू/आईपीओ)
|
|
सरकारी बिजली कंपनी रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कार्पोरेशन (आरईसी) का फालोऑन पब्लिक इश्यू यानी एफपीओ निवेशकों में अब तक कोई उत्साह जगाने में नाकाम रहा है।
आरईसी के एफपीओ का आज आखिरी दिन है। दो दिन के दौरान इसके लिए केवल 59% आवेदन मिल पाये हैं। अभी तक इस एफपीओ में संस्थागत निवेशकों का कोटा ही पूरा भरने में कामयाब हो पाया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों, घरेलू वित्तीय संस्थानों और म्युचुअल फंडों की ओर से एक भी आवेदन नहीं मिला है। वहीं आम निवेशको के कोटे में भी महज 0.03% आवेदन आये हैं। यहाँ तक कि कर्मचारियों के कोटे में भी केवल 32% आवेदन मिले हैं। सरकार ने आरईसी के एफपीओ में बोली की निचली सीमा 203 रुपये प्रति शेयर तय की है। सरकार इस एफपीओ के जरिये कंपनी में अपनी 5% हिस्सेदारी बेच रही है। एफपीओ के बाद कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी घटकर 66.80% रह जायेगी। वहीं कंपनी 15% नये शेयर जारी करेगी। आरईसी के एफपीओ पर निवेशकों के निराशाजनक रुख ने सरकार की चिंताएँ बढ़ा दी हैं। इसका हाल तो एनटीपीसी के एफपीओ से भी बुरा है। ऐसे में खबर है कि सरकार सरकारी बैंकों को इस एफपीओ में पैसा लगाने के लिए कह सकती है। (शेयर मंथन, 23 फरवरी 2010) |
|
Last Updated ( Tuesday, 23 February 2010 08:50 )
|