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शेयर बाजार
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 अमीषा वोरा, जेएमडी, प्रभुदास लीलाधरइस समय भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था अच्छी तरह सँभलती दिख रही है।
हालाँकि पेट्रोलियम कीमतों के बढ़ने से कुछ हद तक महँगाई दर का दबाव रहेगा। साथ ही मार्च में कारोबारी साल का अंत होने के चलते बाजार में कुछ कसावट रहेगी। लेकिन ये थोड़े समय की चिंताएँ हैं। मध्यम अवधि में भारतीय बाजार अच्छा ही लग रहा है। कई क्षेत्रों में अच्छी चाल बनने की उम्मीद रहेगी, जैसे कंस्ट्रक्शन, कंस्ट्रक्शन उपकरण, बैंकिंग, लॉजिस्टिक्स, ऑटो, माइनिंग वगैरह। कर्ज की मांग भी बेहतर होने की उम्मीद दिखती है। हालाँकि विश्व भर में सरकारों ने अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं को सँभालने के लिए जितने बड़े स्तर पर प्रोत्साहन (स्टिमुलस) दिये थे, उन्हें धीरे-धीरे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसका विकास पर कितना असर होगा, यह देखने वाली बात होगी। लेकिन इस अभी इस बात को लेकर निवेशकों में कुछ चिंता रहेगी। (शेयर मंथन, 11 मार्च, 2011)
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Last Updated ( Thursday, 11 March 2010 12:37 )
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