चेतन शर्मा, सलाहकार संपादक, ज़ी बिजनेस
छोड़ दो मंदी जमाना क्या कहेगा रोज की तेजी का जमाना भी है दीवाना दीवाना क्या कहेगा बाजार चल दिया अब खूब
छेड़ो मुनाफे के अफसाने कुछ बाजार है दीवाना कुछ खरीदार भी हैं दीवाने जरा सुनना मुनाफे की है तमन्ना मुनाफे के बिना सब कुछ है बेगाना बेगाना क्या करेगा छोड़ दो मंदी जमाना क्या कहेगा मुनाफे के बिना जाग जाये बाजार की अंगड़ाई निवेशक को दिखती है तन्हाई जब सौदे ने ठोक खायी हर सौदे को सँभाल कर रखना हर उछाल में थोड़ा मुनाफा चखना नहीं छकना और बाजार गिरा तो फिर समझाना क्या करेगा छोड़ दो मंदी जमाना क्या कहेगा रोज की तेजी का जमाना भी है दीवाना दीवाना क्या कहेगा कल डॉव जोंस पर दिखा भारी उतार-चढ़ाव फेड ने नहीं बढ़ायी ब्याज दर इसका पड़ा था प्रभाव लेकिन आर्थिक चेतावनी के चलते नहीं बढ़ पाया भाव विदेशी निवेश पर सरकार कर रही है अपना नजरिया साफ ओएनजीसी का तेल ऊँचे दाम पर बिकेगा देखना रिलायंस के हित में होगा या खिलाफ रुपैये का बनेगा नया निशान खनन में विदेशी निवेशक के लिए काम हो जायेगा आसान और इन सबके बीच निफ्टी रह सकता है सपाट सेट्लमेंट पर कोई विशेष स्तर नहीं सकेगा काट (शेयर मंथन, 24 जून 2010) |
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Last Updated ( Thursday, 24 June 2010 10:20 )
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