|
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक उतार-चढ़ाव के बाद सपाट बंद हुए।
टीईसीके और आईटी क्षेत्र में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा। बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 22 अंक यानी 0.12% की मजबूती के साथ 18,667 पर रहा। निफ्टी (Nifty) 3 अंक यानी 0.07% की बढ़त के साथ 5,607 पर बंद हुआ। एनएसई के मँझोले सूचकांक सीएनएक्स मिडकैप में 0.17% की मजबूती रही। बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.34% और बीएसई स्मॉलकैप में 0.59% की बढ़त रही। एशियाई शेयर बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच आज सुबह भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले। बाजार खुलते ही निफ्टी 5,600 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 18,540 और निफ्टी 5,568 तक नीचे चले गये। हालाँकि धीरे-धीरे बाजार में गिरावट कम होती गयी। दोपहर 12:00 के आसपास निफ्टी फिर से 5,600 के स्तर के ऊपर चला गया। दोपहर के कारोबार में बाजार हरे निशान पर चला गया। हालाँकि यूरोपीय शेयर बाजारों की कमजोर शुरुआत होने की खबर के बाद बाजार फिर से लाल निशान पर चला गया और निफ्टी 5,600 के स्तर के नीचे फिसल गया। लेकिन कारोबार के अंतिम घंटों में बाजार में गिरावट फिर से धीरे-धीरे कम होती गयी। कारोबार के अंतिम घंटे में निफ्टी ने 5,600 के स्तर को फिर से पार कर लिया और सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान पर चले गये। आखिकार निफ्टी 5,600 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। क्षेत्रों के लिहाज से आज टीईसीके सूचकांक में सबसे ज्यादा 0.86% मजबूती रही। आईटी को 0.57%, रियल्टी को 0.46%, हेल्थकेयर को 0.38% और धातु को 0.37% का फायदा हुआ। पीएसयू में 0.25% और बैंकिंग में 0.14% की बढ़त रही। दूसरी ओर, कैपिटल गुड्स को 0.45% और एफएमसीजी को 0.43% का घाटा सहना पड़ा। पावर में 0.27%, तेल-गैस में 0.20%, ऑटो में 0.19% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.14% की गिरावट रही। (शेयर मंथन, 08 सितंबर 2010) |