|

राजीव रंजन झा : इस हफ्ते की शुरुआत तक शेयर बाजार का एक बड़ा हिस्सा यह मानने को तैयार नहीं था कि निफ्टी अभी 5100 के ऊपर जा सकेगा।
लेकिन कल कर्ज नीति में नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) घटाने के आरबीआई के फैसले के बाद निफ्टी न केवल 5100 के ऊपर गया, बल्कि इसके ठीक-ठाक ऊपर टिक कर बंद होने में भी सफल रहा। आज के कारोबार में एक बार फिर निफ्टी कल की उछाल को पचाने और यहाँ से फिर आगे बढ़ने की कोशिश में लगा है। अब बाजार में आम राय यह बनने लगी है कि शायद यह तेजी 5200-5250 के आसपास ही रुकेगी। निवेश मंथन पत्रिका में मैंने जनवरी के पहले हफ्ते में ही 5200 का लक्ष्य रखा था। हालाँकि पहले 19 दिसंबर को मैंने शेयर मंथन में लिखा था कि “कई महीनों से 4700 के आसपास सहारा लेने के बाद अब निफ्टी इस स्तर से नीचे फिसल चुका है। …साफ है कि निफ्टी करीब 4300 तक फिसलने की ओर तो बढ़ ही चुका है।” पर जनवरी के पहले हफ्ते में स्थिति बदलती दिखी। निवेश मंथन के जनवरी 2012 अंक में मैंने लिखा, “दो संभावनाएँ बनती हैं। पहली यह कि निफ्टी 4531 की ताजा तलहटी को तोड़ दे और 4400-4200 तक फिसलने का अधूरा रह गया काम पूरा करे। दूसरी संभावना यह होगी कि निफ्टी 4531 से करीब 600-700 अंक तक की नयी उछाल फिर से भरे, यानी 5100-5200 के पास तक जाये।” बाजार इस दायरे के बीच आ चुका है, इसलिए सवाल है कि आगे क्या होगा? अभी 200 दिनों का एसएमए 5212 के कुछ ऊपर है। नवंबर 2010 से चली आ रही पट्टी की ऊपरी रेखा भी करीब 5250 पर है। यह ऊपरी रेखा नवंबर 2010 और फिर 2011 में जनवरी, अप्रैल और जुलाई के शिखरों को छूती है। ये बड़ी बाधाएँ अब बस 100 अंक के फासले पर हैं। कहना मुश्किल है कि बाजार यहीं से पलट जायेगा, या 100-150 अंक आगे इन बाधाओं के कुछ ऊपर जाकर सबको छकाने के बाद पलटेगा, या सबको चौंका कर इन बाधाओं को पक्के तौर पर पार कर जायेगा। मैंने जनवरी की शुरुआत में ही कहा था कि निफ्टी जब करीब 5100-5200 के पास जायेगा तो वह इसके लिए एक निर्णायक मौका होगा। वहाँ से फिर 1000-1200 अंक की गिरावट की संभावना तो होगी ही। लेकिन अगर निफ्टी नवंबर 2010 से चल रही गिरती पट्टी की ऊपरी रेखा को पक्के तौर पर पार कर सका तो बाजार में कमजोरी का दौर पूरा होने का एक बड़ा संकेत होगा। Rajeev Ranjan Jha (शेयर मंथन, 25 जनवरी 2012) |
|
Last Updated ( Wednesday, 25 January 2012 19:15 )
|