Home राग बाजारी राजनीति के लड्डू पक रहे हैं बाजार के मन में
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राजनीति के लड्डू पक रहे हैं बाजार के मन में Print E-mail

राजीव रंजन झा : शेयर बाजार की आदत है कि वह किसी भी बात को पहले से भुनाने के चक्कर में पड़े बिना रह नहीं सकता।

फिलहाल उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर बाजार ने मन में लड्डू बाँधने शुरू कर दिये हैं। मान लिया गया है कि इस बार सबसे ज्यादा फायदा कांग्रेस को ही मिलेगा। बसपा घटेगी, सपा कुछ बढ़ेगी। सपा कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने की हालत में आ जायेगी। अगर कांग्रेस के सहयोग से उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बने, तो केंद्र सरकार के खाते में सपा के सांसदों की संख्या जुड़ेगी। मतलब यह कि ममता दीदी के रूठने-मनाने के चक्कर से कांग्रेस को मुक्ति मिलेगी और मनमोहन-प्रणव की जोड़ी आर्थिक सुधारों की गाड़ी को फर्राटे से आगे बढ़ा सकेगी।
कहानी का दूसरा पहलू यह है कि अगर सपा सरकार बनाने की हालत में नहीं भी आ सकी तो बसपा को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के समर्थन की जरूरत पड़ ही जायेगी। सपा नहीं तो बसपा ही सही। कांग्रेस को एक नया साथी तो मिलेगा ही।
पटकथा अच्छी है। लेकिन जैसे कांग्रेस के सहयोग से सपा या बसपा की सरकार बन पाने की संभावना टटोली जा रही है, वैसी ही एक संभावना यह होगी कि चुनाव के बाद किसी भी संभावित गठजोड़ के पास सरकार बनाने लायक संख्या न हो। पिछले चुनाव में बसपा ने सबको चौंका कर अपने दम पर सरकार बनाने की ताकत हासिल की थी, क्योंकि मुलायम सिंह की सरकार से त्रस्त जनता ने जातिगत मतदान के समीकरणों को तोड़ कर मायावती को समर्थन दिया था। उसे तब केवल मायावती में ही यह संभावना दिख रही थी कि वे मुलायम सिंह के राज से छुटकारा दिला सकेंगी। इस बार मायावती से निराश होने वालों की संख्या काफी है। लेकिन क्या यह निराशा फिर से मुलायम सिंह की झोली भर देगी? क्या बीते सालों में मुलायम सिंह ने कोई नयी राजनीतिक जमीन पा ली है? क्या कांग्रेस नया करिश्मा कर पायेगी? क्या भाजपा का आधार पूरी तरह खत्म हो चुका है? इन सवालों के जवाब आपको 6 मार्च को ही मिलेंगे। उससे पहले सब अटकलबाजी है।
क्या अन्ना प्रकरण और भ्रष्टाचार गाथाओं का कोई असर इन चुनावों में दिखेगा? अगर इनका जरा भी असर लोगों के मन में पड़ा होगा तो लोग दलों के दायरे में बँधने के बदले यह देखेंगे कि उनके सामने कौन उम्मीदवार बेहतर है। सब बुरे हैं – का रोना रोने के बदले अगर लोगों ने कम बुरे को चुनना भी शुरू कर दिया तो राजनीति में बड़ा बदलाव आ जायेगा। Rajeev Ranjan Jha
(शेयर मंथन, 09 फरवरी 2012)

Last Updated ( Thursday, 09 February 2012 11:17 )
 

Comments  

 
0 #1 naqvi 2012-02-09 20:45
sir,
u are super.hats off to you.where is the market now you have already told two month earlier .your technical level is the the best.when i saw the level of 4500 OMG.every one is hopeless including me but when i read ur book NIVESH MANTHAN of december & january thanks god ibecome hopefull then otherwise i am going to cut all off my position which are stuck from last eight month.now a big big relief.once again a thanks to all of you &your team which gives us very usefull and correct information.thanks.
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0 #2 naqvi 2012-02-09 20:45
:roll: :lol:
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