चेतन शर्मा, सलाहकार संपादक, ज़ी बिजनेस
बाजार से नाराज नहीं खरीदार हैरान हूँ मैं ओ हैरान हूँ मैं निवेशक के मासूम सवालों से परेशान हूँ मैं ओ परेशान हूँ मैं
सौदे के लिए सोचा ही नहीं जोखिम उठाने होंगे मुनाफा भी कमाने के बाद कर्ज उतारने होंगे घाटा देने के बाद भी फर्ज निभाने होंगे मुस्कुराऊँ कभी तो लगता है जैसे होठों पे कर्ज रखा है आँसू निकलते हैं तो लगता है दवा के बिना मर्ज रखा है ओबामा ने कहा अमेरिका की दवा है रोजगारी यानी आउटसोर्सिंग पर रोक की भी आ सकती है बारी लेकिन यहाँ आईटी की कंपनियों ने हिम्मत नहीं है हारी अच्छे नतीजों का सिलसिला है जारी बजट के सेटलमेंट की शुरुआत की हो रही है तैयारी लेकिन आज निफ्टी के लिए सबसे बड़ी होगी यही बात कि आज की क्रेडिट पॉलिसी लायेगी कैसा सौगात (शेयर मंथन, 29 जनवरी 2010) |
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Last Updated ( Friday, 29 January 2010 09:29 )
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