चेतन शर्मा, सलाहकार संपादक, ज़ी बिजनेस
पल पल बाजार के साथ तुम रहते हो मुनाफा आये हाथ
यह कहते हो मैं साँस लेता हूँ फायदे की खुश्बू आती है एक महका महका एहसास लाती है सौदे की हर धड़कन भी मुनाफे के गीत गाती है नुकसान के बाद भी फिर जीत लाती है और आज का दिन हो सकता है कुछ ऐसा कई दिन के बाद फिर से बाजार में लग सकता है पैसा अमेरिका में ओबामा रखेंगे टैक्स में रियायत यहाँ तेल सफाई कंपनियों ने दी रिटेल तेल के दाम बढ़ाने की हिदायत खाने पीने की जब महंगाई है जारी प्रधानमंत्री ने कहा इसकी आदत डालने की कर लो तैयारी ऐसे में बाजार होगा शुरुआत में हरा-भरा लेकिन अर्थशास्त्री तो अभी भी है कुछ डरा कहते हैं कूदने से पहले कुछ धीरज रखो जरा उसके बाद उम्मीद करेंगे कि बाजार में ना कोई भय हो ग्रैमी और रहमान के साथ कह पायें जय हो (शेयर मंथन, 02 फरवरी 2010) |
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Last Updated ( Tuesday, 02 February 2010 09:42 )
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