निफ्टी के चार्ट पर बनते प्रतिबिंब की चर्चा मैंने कई बार की है, और अब मन में सवाल आ रहा है कि क्या यह प्रतिबिंब बनने की प्रक्रिया अपने आखिरी चरण में है?
दरअसल अगर आप निफ्टी के दैनिक चार्ट को देखें, तो ऐसा लगता है कि जनवरी 2008 से जनवरी 2009 तक निफ्टी की जैसी-जैसी चाल रही, बिल्कुल वैसी ही लेकिन उल्टी चाल जनवरी 2009 से अब तक बनती रही है। बिल्कुल इस तरह, मानो चार्ट में जनवरी 2009 पर कोई आइना रख दिया गया हो।
खास बात यह है कि हाल की 4786 की तलहटी 25 मई को ही बनी और निफ्टी वहाँ से बढ़ कर अब 5352 पर आ गया है। बाजार की यह हलचल शायद आपको जनवरी 2008 की याद न दिला रही हो, लेकिन आप इस बात से चौंक जायेंगे कि शायद हम इस समय 22-23 जनवरी 2008 को उल्टे रूप में दोहरा रहे हैं। बस, जैसा मैंने ऊपर लिखा कि समय का पैमाना बदल गया है। जनवरी-फरवरी 2008 की उठापटक में जैसी हलचल 1 दिन या 1 हफ्ते में हो रही थी, वैसी ही हलचल का प्रतिबिंब बनाने में यह आइना अब महीने भर का समय ले रहा है। यह बात पढ़ने में शायद अजीब लग रही हो, लेकिन नीचे की तुलना देख कर आप भी इस बात को मानेंगे। यहाँ साथ में जो 2 चार्ट दिये गये हैं, उनमें से पहला चार्ट जनवरी-मई 2008 का है, और दूसरा चार्ट अक्टूबर 2009 से अब तक का। दोनों ही चार्ट में A से लेकर E तक की 5 रेखाएँ हैं। अब जरा मिलाते हैं।

रेखा A पहले चार्ट में 5182 से 4468 तक, और दूसरे चार्ट में 5299 से 4538 तक है।
रेखा B पहले चार्ट में 4468 से 5368 तक, और दूसरे चार्ट में 4538 से 5310 तक है।
रेखा C पहले चार्ट में 5368 से 4804 तक, और दूसरे चार्ट में 5310 से 4692 तक है।
रेखा D पहले चार्ट में 4804 से 5545 तक, और दूसरे चार्ट में 4692 से 5400 तक है।
रेखा E पहले चार्ट में 5545 से 4891 तक, और दूसरे चार्ट में 5400 से 4786 तक है।
दोनों चार्ट में ये रेखाएँ एकदम बराबर-बराबर नहीं हैं, लेकिन मोटे तौर इनका रुझान और इनके स्तर मेल खा रहे हैं। वैसे अब आप पूछ सकते हैं कि पहले चार्ट में मैंने रेखा E को 4891 पर क्यों रोक दिया, उसे 4448 तक क्यों नहीं खींचा, जो 22 जनवरी 2008 का निचला स्तर था। ऐसा इसलिए कि दूसरे चार्ट में रेखा E 4786 पर खत्म हो गयी और उसके बाद निफ्टी अब तक 5352 पर आ चुका है। गौर करें कि 23 जनवरी 2008 का पूरा दायरा 4891 से 5328 तक का था। एक तरह से 23 जनवरी 2008 का केवल 1 दिन का उतार-चढ़ाव अभी 25 मई 2010 से अब तक के करीब डेढ़ महीने के सफर में निपटा है।
तो अब क्या 22 जनवरी 2008 के उतार-चढ़ाव को दोहराने की बारी है? उस दिन 4448 की तलहटी बनी थी। क्या निफ्टी उसके आसपास के किसी स्तर की ओर लुढ़केगा? या फिर 22 जनवरी की तलहटी को नजरअंदाज करके यह ऊपर के स्तरों की ओर बढ़ चुका है? अभी यह कहना मुश्किल है। यह इससे साफ होगा कि बाजार की मौजूदा चाल यहाँ कहीं रुकती है, या फिर बेधड़क आगे बढ़ती जाती है। इसका 23 जनवरी 2008 का ऊपरी स्तर 5328 पर था। अभी यह लगभग उसके आसपास ही है। इसलिए अगर निफ्टी को अब 22 जनवरी 2008 के निचले स्तर की ओर बढ़ना है तो इसे मौजूदा स्तरों से ही नीचे पलट जाना चाहिए, या फिर ज्यादा-से-ज्यादा 100-150 अंक और चढ़ कर नीचे पलटना चाहिए। अगर वाकई ऐसा होता है, यानी निफ्टी अगले कुछ दिनों में 5400-5500 के आसपास कहीं शिखर बना कर नीचे पलटने लगता है तो हमें 22 जनवरी 2008 को फिर से याद करना पड़ेगा।
लेकिन अगर मौजूदा तेजी में निफ्टी 5500 से भी आगे निकलने लगे, तब यह मानना पड़ेगा कि निफ्टी 22 जनवरी 2008 को नजरअंदाज करके आगे निकल चुका है। उसके आगे तो जनवरी के शिखर ही दिखते हैं! लेकिन जनवरी 2008 में जो बातें चंद दिनों में हो रही थीं, वह सब होने में अभी हफ्तों और महीनों का समय लगेगा। ऊपर के दोनों चार्ट तो यही बता रहे हैं।
इन बातों पर एकबारगी भरोसा नहीं होता, और तकनीकी विश्लेषण की किताबों में ऐसे किसी आइने का कोई जिक्र नहीं होता है! और मैंने पहले भी आपको बताया है कि मैं तकनीकी विश्लेषक तो दूर, इस विधा का एक अच्छा छात्र होने का भी दावा नहीं कर सकता। लेकिन जो बातें ध्यान में आयी हैं, उन्हें आपके सामने रख दिया है। (शेयर मंथन, 12 जुलाई 2010)