राजीव रंजन झा
शुक्रवार को मैंने लिखा था कि सुबह निफ्टी कहाँ तक गिरेगा, और उसके बाद क्या यह वापस सँभलेगा या फिर कमजोर बना रहेगा, इसी सवाल में भारतीय बाजार की अगली दिशा का संकेत है।
मेरा मानना था कि निफ्टी आसानी से 5500 के स्तर को नहीं छोड़ेगा। और शुक्रवार को पूरे दिन निफ्टी 5500 के ऊपर ही टिका रहा। आज सुबह भी अंतरराष्ट्रीय संकेत सकारात्मक नहीं हैं, लेकिन निफ्टी ने शुरुआती कारोबार में 5500 का स्तर बचाये रखा है। यह फिलहाल शुक्रवार के निचले स्तर 5513 से नीचे जाने की हड़बड़ी में तो नहीं दिख रहा है। ऐसा लगता है कि अब इस हफ्ते 5513 और उसके बाद 5500 कमजोरी या मजबूती को परखने के लिए महत्वपूर्ण स्तर रहेंगे। लेकिन बाजार में नया उत्साह तब आयेगा, जब निफ्टी 5550 के ऊपर निकल जाये। अगर निफ्टी 1-2 दिनों में 5500 का स्तर नहीं तोड़े, तो इस बात की काफी संभावना रहेगी कि अगली बढ़त में यह 5550 के ऊपर चला जाये। तब बाजार में अति-उत्साह का एक नया दौर आ सकता है। बाजार में ज्यादातर लोग यह मान कर बैठे हैं कि 5550 से आगे जाने की गुंजाइश काफी कम है। लेकिन अगर निफ्टी इससे आगे निकल गया तो लोग इसमें एक नयी चाल देखेंगे। साथ ही जिन्होंने 5550 को चरम मान कर बिकवाली सौदे कर रखे हैं, उनमें से भी काफी लोग अपने बिकवाली सौदे काटने के लिए खरीदारी करेंगे, जिससे एक उछाल दिखेगी। लेकिन जैसा मैंने शुक्रवार को भी लिखा था, वह ज्यादा सावधानी बरतने का समय होगा। जरा नीचे दिये चार्ट को देखें।
इस चार्ट में अप्रैल 2010, जनवरी 2010, अक्टूबर 2009 और इससे पहले अगस्त 2008 के शिखरों को मिलाने वाली रुझान रेखा बन रही है, जो इस समय करीब 5600 के स्तर पर है। मतलब यह है कि 5600 को पार करना निफ्टी के लिए आसान नहीं होगा। लेकिन अगर निफ्टी ने यह रेखा पार कर ली तो इसके लिए ऊपर की ओर एक नया आसमान खुल जायेगा। (शेयर मंथन, 23 अगस्त 2010) |
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Last Updated ( Monday, 23 August 2010 10:38 )
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