राजीव रंजन झा
दो दिनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार आज सुबह कुछ सँभलता दिख रहा है, जिससे मोटे तौर पर यह लग रहा है कि निफ्टी को 5450 पर एक सहारा मिल गया है।
लेकिन सवाल यही है कि क्या आने वाले दिनों में यह सहारा बचा रहेगा? आइये बाजार को अभी दो तरह की तस्वीरों में देखते हैं। पहली तस्वीर काफी छोटी अवधि की है, दूसरी तस्वीर मध्यम अवधि की है। छोटी अवधि की तस्वीर नीचे दिये इस चार्ट में दिख रही है।
इसमें साफ है कि निफ्टी एक चढ़ती पट्टी के अंदर चल रहा था और पिछले 2 दिनों की गिरावट के चलते इस पट्टी से नीचे फिसलने का खतरा सामने आ गया था। लेकिन अगर आज निफ्टी दिन भर हरे निशान में टिक सका, तो यही लगेगा कि इस पट्टी की निचली रुझान रेखा (ट्रेंड लाइन) पर निफ्टी को अच्छा सहारा मिल गया है। वैसी हालत में जब तक यह निचली रेखा नहीं टूटती, तब तक चिंता की बात नहीं होगी। यह रेखा अभी 5425 के पास है और महीने के अंत तक 5445 पर होगी। अगर कहीं यह निचली रुझान रेखा टूटती है, तो 5372-5349 के स्तरों पर खास तौर से नजर रखनी होगी। मध्यम अवधि की तस्वीर देखें, तो भी एक चढ़ती पट्टी चल रही है, जिसकी निचली रुझान रेखा अभी 4950 पर है। सितंबर के अंत तक यह रेखा लगभग 5000 पर होगी। तो इसका मतलब यह है कि अगर 5349 का स्तर टूटा, तो निफ्टी तकरीबन 4900-5000 तक के निचले लक्ष्य की ओर बढ़ सकता है। फिलहाल छोटी अवधि और मध्यम अवधि, दोनों की पट्टियों की ऊपरी रेखाएँ 5600-5625 के आसपास चल रही हैं। इसलिए मोटे तौर पर अगर 5625-5650 के स्तर पार हो पाये, तो बाजार में नयी तेजी आयेगी। जैसा मैंने 23 अगस्त को लिखा था, “5600 को पार करना निफ्टी के लिए आसान नहीं होगा। लेकिन अगर निफ्टी ने यह रेखा पार कर ली तो इसके लिए ऊपर की ओर एक नया आसमान खुल जायेगा।” (शेयर मंथन, 26 अगस्त 2010) |
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Last Updated ( Thursday, 26 August 2010 09:54 )
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