राजीव रंजन झा
आज हमारे शेयर बाजार में एक रस्साकशी दिखेगी, क्योंकि एक तरफ वैश्विक संकेत कमजोर हैं और दूसरी तरफ प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी यानी डायरेक्ट टैक्स कोड) के बारे में खुशी के चलते बाजार को मजबूती मिलने की उम्मीदें हैं।
कल अमेरिकी बाजार शुरुआत में तो थोड़े ठीक-ठाक दिख रहे थे, लेकिन बाद में नैस्डैक कंपोजिट 1% गिर गया। डॉव जोंस और एसएंडपी 500 भी करीब पौने एक फीसदी के नुकसान पर रहे। और अब सुबह-सुबह एशिया में भी लाली ही ज्यादा दिख रही है। इसके चलते सिंगापुर निफ्टी 5565 के आसपास घूम रहा है, मतलब कल एनएसई में निफ्टी के बंद स्तर से थोड़ा नीचे ही है। लेकिन नये आयकर कानून में लंबी अवधि का कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगने की खबरों की खुशी भी बाजार पर सकारात्मक असर डालेगी। अभी सुबह में सिंगापुर निफ्टी पर भले ही यह असर नहीं दिख रहा हो, लेकिन भारत में बाजार खुलने के बाद निफ्टी पर यह असर दिखने की पूरी उम्मीद रहेगी। तो क्या यह माना जाये कि आज निफ्टी वापस 5500 के ऊपर चढ़ने की कोशिश करेगा? आज वैश्विक दबाव ज्यादा हावी होता है, या आयकर कानून की खबर का ज्यादा असर दिखता है, इस बात की कसौटी यही रहेगी कि सुबह-सुबह निफ्टी 5500 के ऊपर निकल पाता है या नहीं। लेकिन फिर से 5500 के पार निकल जाने पर भी निफ्टी के लिए ऊपर की राह आसान नहीं होगी। पिछले कुछ दिनों में हमने देखा है कि 5550 पर मिलने वाली बाधा कितनी मजबूत है। लगातार 4 दिनों तक निफ्टी 5540 के ऊपर जाने के बाद भी 5550 को पार नहीं कर पाया। और फिर 5600 के आसपास तो पिछले साल भर से चली आ रही पट्टी की ऊपरी रुझान रेखा है रास्ता रोकने के लिए। बाजार के लिए एक और नया संकेत अच्छा नहीं है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने कल लगातार दूसरे दिन बिकवाली की है। बुधवार की 365 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली के बाद कल उनकी शुद्ध बिकवाली 277 करोड़ रुपये की रही। हाल में भारतीय बाजार को ऊपरी स्तरों की ओर खींचने, या कम-से-कम ऊपरी स्तरों पर बनाये रखने में एफआईआई खरीदारी का ही सबसे प्रमुख योगदान रहा है। अगर एफआईआई खरीदारी अब बिकवाली में बदलती है, तो यह एक साफ संकेत होगा कि बाजार की दिशा पलट चुकी है। लेकिन इस बारे में कोई नतीजा निकालने से पहले और 1-2 दिनों के आँकड़े देख लेने चाहिए। (शेयर मंथन, 27 अगस्त 2010) |
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Last Updated ( Friday, 27 August 2010 08:35 )
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