राजीव रंजन झा
कल मैंने रिलायंस (Reliance) और बाजार दोनों के कमजोर रहने की बात कही थी, और दोनों का रुझान वैसा ही रहा।
लेकिन साथ ही मैंने यह भी लिखा था अगर निफ्टी (Nifty) शुरुआती कारोबार में कुछ कमजोरी दिखाने के बाद वापस सँभल कर 5400 के ऊपर लौटने की कोशिश करे, तो इसका मतलब होगा कि अभी शायद बड़ी गिरावट नहीं आयेगी। और आखिरी घंटे की उछाल ने निफ्टी को 5400 के ऊपर ला दिया। आज सुबह के संकेत हल्के सकारात्मक ही हैं, इसलिए संभावना है कि शुरुआती कारोबार में यह 5400 के ऊपर टिकने की कोशिश करेगा। अब जरा गौर करें कि कल निफ्टी ने कहाँ सहारा लिया – 5349 पर। यह वही स्तर है, जिस पर लोगों की नजरें सबसे ज्यादा टिकी थीं। इसी स्तर पर जून में पहले थोड़ी बाधा मिली थी, और फिर जुलाई-अगस्त में यही स्तर सहारा देता रहा। ज्यादातर विश्लेषकों ने इसी स्तर को मौजूदा दायरे की निचली सीमा मान रखा है। मोटे तौर पर राय यही है कि इस स्तर के नीचे जाने पर बाजार में बड़ी गिरावट आ सकती है। तो क्या अब यह मतलब निकाला जाये कि 5350 के इस महत्वपूर्ण स्तर पर सहारा लेकर बाजार फिर से ऊपर की ओर बढ़ चला है? अगर अगले 2-4 दिनों में निफ्टी 5350 को न तोड़े तो यह राय मजबूत हो जायेगी। एफआईआई ने बीच में कुछ बिकवाली करके चिंता बढ़ायी थी, लेकिन अब फिर से उनकी खरीदारी शुरू हो गयी है। यह बात भी बाजार को सहारा देगी। इस लिहाज से भी यही राय बनती है कि बाजार की गिरावट सीमित ही रहेगी। वैसे एक दिलचस्प बात यह है कि हाल में बाजार ने दो बातों पर सबकी आम राय को मान लिया। पहले तो निफ्टी ठीक 5550 से नीचे लौट आया, वही स्तर जहाँ अधिकतर लोग बाधा देख रहे थे। और अब इसने 5350 पर ही सहारा लिया, जिसकी चर्चा तकरीबन सारे लोग कर रहे थे। बाजार आम तौर पर ऐसा नहीं करता, और इस तरह से आम राय पर चलने का मतलब है कि बाजार कोई बड़ी खिचड़ी पका रहा है। अब रिलायंस की बात। कल इसकी गिरती पट्टी की निचली रेखा 920 के आसपास थी और यह उसे भी काट कर अंत में 916 पर रहा। अब यह सोचना मुश्किल है कि रिलायंस इतने तीखे ढंग से नीचे आती पट्टी की भी निचली रेखा से नीचे बना रहे। इसे बीते साल डेढ़ साल में कई बार 1000 और 900 के बीच सहारा भी मिला है। इस दायरे में सहारा पाने के बाद यह बड़ी तेजी से वापस सँभला भी है। इसलिए यह संभावना रहेगी कि रिलायंस इन्हीं स्तरों के आसपास सहारा लेकर वापस ऊपर जाये। कम-से-कम यह अपनी मौजूदा गिरती पट्टी की ऊपरी रेखा को छूने की कोशिश जरूर करेगा। ऐसा होने पर निफ्टी को भी कुछ सहारा मिलेगा ही। (शेयर मंथन, 01 सितंबर 2010) |
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Last Updated ( Wednesday, 01 September 2010 09:06 )
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