राजीव रंजन झा
कल सुबह हमारे सामने सवाल था कि क्या 5350 के महत्वपूर्ण स्तर पर सहारा लेकर निफ्टी (Nifty) फिर से ऊपर की ओर बढ़ चला है?
मुझे लग रहा था कि अगर अगले 2-4 दिनों में निफ्टी 5350 को न तोड़े तो यह राय मजबूत हो जायेगी। लेकिन बाजार ने इतना वक्त भी नहीं लिया। कल की उछाल के बाद आज सुबह की हल्की बढ़त ने निफ्टी को 5500 के ऊपर ला दिया। हालाँकि शुरुआती कारोबार में निफ्टी को फिर से 5500 पर बाधा मिलती दिख रही है। संभव है कि कुछ मुनाफावसूली हो रही हो, क्योंकि केवल 2 दिनों के अंदर अच्छी-खासी बढ़त आ चुकी है। लेकिन इस मुनाफावसूली के चलते बाजार एकदम से फिसल भी नहीं रहा है। इसका मतलब है कि 5500 के ठीक नीचे बाजार जमने की कोशिश कर रहा है। कल मैंने यह भी जिक्र किया था कि हाल में बाजार ने दो बातों पर सबकी आम राय को मान लिया। पहले तो निफ्टी ठीक 5550 से नीचे लौट आया, और फिर इसने 5350 पर ही सहारा लिया। अपने स्वभाव से अलग जाकर इस तरह से आम राय पर चलने का मतलब है कि बाजार कोई बड़ी खिचड़ी पका रहा है। अब एक बार फिर से अप्रैल 2010, जनवरी 2010, अक्टूबर 2009 और इससे पहले अगस्त 2008 के शिखरों को मिलाने वाली रुझान रेखा याद आ रही है। इस रेखा के चलते ही मैंने 23 अगस्त को लिखा था कि 5600 को पार करना निफ्टी के लिए आसान नहीं होगा। (देखें http://www.sharemanthan.in/index.php/rag-bazaari/8671-rajeev-ranjan-jha-column-20100823) अब एक बार फिर निफ्टी इस रेखा को छूने की कोशिश कर सकता है। इसका मतलब यह होगा कि निफ्टी 5600 के पास तक जा सकता है। लेकिन इस रेखा को पार करना अब भी आसान नहीं होगा। इसलिए 5600-5650 के ऊपर की उम्मीदें अभी लगाना ठीक नहीं है। फिर भी, अगर निफ्टी ने इस रेखा को पार कर लिया तो इसका क्या मतलब होगा? जैसा मैंने पहले भी लिखा था, इसके लिए ऊपर की ओर एक नया आसमान खुल जायेगा। एक सीधा मतलब यह होगा कि पिछले साल भर से बाजार जिस चढ़ती पट्टी (राइजिंग चैनल) के अंदर चल रहा है, यह उससे ऊपर निकल जायेगा। अगर ऐसा नहीं होता, तो निफ्टी को 5600 के आसपास कोई शिखर बना कर नीचे पलटना पड़ेगा। वैसी सूरत में शायद इसे 5350 पर भी कोई खास सहारा नहीं मिल पाये। (शेयर मंथन, 02 सितंबर 2010) |
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Last Updated ( Thursday, 02 September 2010 11:43 )
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