राजीव रंजन झा
महिंद्रा सत्यम (Mahindra Satyam) के बारे में आज कोई आँकड़ा खोजना बड़ा मुश्किल काम है, क्योंकि कंपनी ने अब तक अपनी चुप्पी तोड़ी नहीं है।
फिर भी, एक अंदाजा है कि महिंद्रा सत्यम में इस समय करीब 25,000 से 30,000 तक कर्मचारी होंगे। जब घोटाला सामने आया था, उस समय कहा जा रहा था कि इसके 52-53,000 कर्मचारी हैं। लेकिन इस संख्या पर सवाल उठते रहे, इस संख्या को घटाया जाता रहा। बाद में लोग इसे छोड़-छोड़ कर जाते रहे। महिंद्रा के हाथों में इसके जाने के बाद खबरें आयीं कि कंपनी अपने पुराने लोगों को वापस बुलाने लगी है। फिर उनके वेतन-भत्ते बढ़ने की खबरें भी आयीं। इस साल फरवरी में खबर मिली कि महिंद्रा सत्यम नये सिरे से भर्तियाँ करने जा रही है। खैर, इन्हीं खबरों के हिसाब से कहा जा सकता है कि महिंद्रा सत्यम में अभी 25,000 से 30,000 तक कर्मचारी काम कर रहे होंगे। यह भी उम्मीद की जा सकती है कि सत्यम के महिंद्रा के हाथों में चले जाने के सवा साल बाद कंपनी के कर्मचारी वाकई काम कर रहे होंगे, बेंच पर नहीं बैठे होंगे। और उनके काम करने का मतलब है कि महिंद्रा सत्यम को आमदनी भी हो रही होगी। महिंद्रा सत्यम की प्रति कर्मचारी आमदनी शीर्ष आईटी कंपनियों के औसत के आसपास ही होगी। शायद यह इन्फोसिस और टीसीएस जितनी न हो, लेकिन शीर्ष 10 में आने वाली बाकी कंपनियों से इसकी तुलना करना गलत नहीं होगा। अब एक मोटा अंदाजा लगाते हैं। इन्फोसिस के कर्मचारियों की संख्या पिछली तिमाही के अंत में 114,822 थी। इसकी बाजार पूँजी (मार्केट कैपिटलाइजेशन) ताजा आँकड़ों के मुताबिक 161,776 करोड़ रुपये है। इस तरह इन्फोसिस की प्रति कर्मचारी बाजार पूँजी लगभग 1.41 करोड़ रुपये बैठती है। वहीं अगर हम एचसीएल टेक्नोलॉजी के आँकड़े देखें तो पिछली तिमाही के अंत में इसके कर्मचारियों की संख्या 64,557 थी। इसकी बाजार पूँजी अभी 27490 करोड़ रुपये है। इस हिसाब से एचसीएल टेक्नोलॉजीज की प्रति कर्मचारी बाजार पूँजी करीब 42.5 लाख रुपये बैठती है। इनकी तुलना में महिंद्रा सत्यम की बाजार पूँजी अभी करीब 10,800 करोड़ रुपये है। इसके कर्मचारियों की संख्या अगर 25,000 मान लें, तो प्रति कर्मचारी बाजार पूँजी 43 लाख रुपये बैठती है। और अगर हम कर्मचारियों की संख्या 30,000 मानें तो प्रति कर्मचारी बाजार पूँजी करीब 36 लाख रुपये बैठती है। अब इस आधार पर महिंद्रा सत्यम और एचसीएल टेक के मौजूदा मूल्यांकनों में ज्यादा फासला नहीं दिख रहा है। तो क्या बिना औपचारिक आँकड़ों के ही बाजार ने महिंद्रा सत्यम की वाजिब कीमत आँक ली है, वह भी एकदम सटीक! (शेयर मंथन, 06 सितंबर 2010) |