राजीव रंजन झा
आज सुबह भारतीय बाजार ने थोड़ी मजबूत शुरुआत की है और निफ्टी (Nifty) 5600 का स्तर छूने की कोशिश करता दिख रहा है, लेकिन बाजार का दिग्गज रिलायंस (Reliance) शांत है।
मैंने 11 अगस्त को रिलायंस के बारे में सचेत किया था कि यह खतरे के निशान के नीचे आ गया है, मतलब इसमें जोखिम बढ़ गया है। फिर 31 अगस्त की सुबह मैंने लिखा कि इस शेयर का गिरती पट्टी के अंदर फंसना कमजोरी बढ़ने का संकेत है। उस दिन रिलायंस 915 रुपये का निचला स्तर छूने के बाद अंत में 3% नीचे 919.20 रुपये के भाव पर रहा। दरअसल उस दिन रिलायंस ने अपनी गिरती पट्टी की निचली रेखा को भी काट दिया था। यही देख कर मैंने 01 सितंबर को लिखा था, “अब यह सोचना मुश्किल है कि रिलायंस इतने तीखे ढंग से नीचे आती पट्टी की भी निचली रेखा से नीचे बना रहे। इसे बीते साल डेढ़ साल में कई बार 1000 और 900 के बीच सहारा भी मिला है। इस दायरे में सहारा पाने के बाद यह बड़ी तेजी से वापस सँभला भी है। इसलिए यह संभावना रहेगी कि रिलायंस इन्हीं स्तरों के आसपास सहारा लेकर वापस ऊपर जाये।” अनुमान के मुताबिक ही यह 01 सितंबर को 1.85% सँभल कर 936.20 रुपये पर आ गया। कल सोमवार की 2.9% उछाल ने इसे 950 रुपये के ऊपर ला दिया है। इसके चलते रिलायंस अब अपनी गिरती पट्टी से बाहर निकलने की ओर है।
रिलायंस जब तक 13 जुलाई 2009 की तलहटी 859, 03 नवंबर 2009 की तलहटी 901 और 21 मई 2010 की तलहटी 976 को मिलाने वाली रुझान रेखा (चार्ट में दी गयी लाल रेखा) के ऊपर नहीं लौटता, तब तक इसे मजबूत मानना मुश्किल रहेगा। फिलहाल, अगर रिलायंस अपनी गिरती पट्टी से बाहर निकल आता है तो यह इस लाल रेखा को छूने की कोशिश करेगा। मतलब यह है कि अगले 1 हफ्ते में यह 1000-1020 तक चढ़ने की कोशिश करेगा। इस बीच अगर बाजार की तेजी भी जारी रही तो संभव है कि रिलायंस इस लाल रेखा को काट कर ऊपर निकल जाये। वैसी हालत में यह 1100 रुपये तक भी चढ़ सकता है। लेकिन अगर यह अपनी मौजूदा पट्टी से बाहर नहीं निकला, तो 1-2 दिनों में यह फिर से कमजोर हो जायेगा और तब शायद यह 900 रुपये के भी नीचे फिसल जाये। (शेयर मंथन, 07 सितंबर 2010) |
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Last Updated ( Tuesday, 07 September 2010 09:54 )
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