राजीव रंजन झा
ऐसा लगता है कि भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के बुरे दिन बीत गये हैं, कम-से-कम शेयर बाजार में तो ऐसा ही दिख रहा है।
अभी कुछ महीनों पहले तक बाजार ने इस शेयर को अगले कुछ सालों के लिए बेकार मान लिया था। तकरीबन सबका यही मानना था कि अगले कई सालों तक यह शेयर बिल्कुल निचले भावों पर घिसटता रहेगा। यह शेयर 21 मई 2010 को 252 रुपये तक फिसल गया। जुलाई के पहले हफ्ते तक यह मोटे तौर पर 250-280 के दायरे में घिसटता रहा। लेकिन अब इसमें फिर से नयी चाल दिख रही है। अगले 2-4 सालों तक ठंडा रहने के बदले बस 2-4 महीनों में यह फिर से गर्मी दिखाने लगा है। यह 19 अप्रैल के ऊपरी स्तर 343.70 रुपये से ऊपर निकल आया है। साथ ही यह दिसंबर 2009 के ऊपरी स्तर से भी ऊपर आ चुका है। अक्टूबर 2009 में आयी गिरावट के बाद से इसके यही दोनों शिखर दिखते हैं। इन दोनों को पार करने का मतलब यही बनता है कि अब यह शेयर फिर से मजबूत होने लगा है। साथ ही इसका पिछले कुछ हफ्तों का चार्ट देखें। इसमें साफ तौर पर एक चढ़ती पट्टी (राइजिंग चैनल) बन रही है।
अगर यह इस पट्टी के ऊपर नहीं निकले और इस पट्टी के अंदर भी बना रह जाये, तो यह पट्टी इसे साल के अंत तक 400-440 के बीच ले जा सकती है। लेकिन अभी यह इस पट्टी की ऊपरी रुझान रेखा को काटने के बेहद करीब है। अगर यह इस पट्टी के ऊपर निकल सका तो अक्टूबर में लगभग 400 रुपये का लक्ष्य मिलना संभव लगता है। जब तक यह फिर से इस चढ़ती पट्टी की निचली रेखा को न काटे, तब इसमें मजबूती बनी रहने की संभावना दिखती है। अगर इसके मूविंग एवरेज स्तरों को देखें तो यह फिलहाल 5 दिनों से लेकर 200 दिनों तक के सारे सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) और एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) स्तरों से ऊपर चल रहा है। यह भी इस शेयर में मजबूती का एक साफ संकेत है। (शेयर मंथन, 09 सितंबर 2010) |
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Last Updated ( Thursday, 09 September 2010 11:22 )
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