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बाजार के दिग्गज जानकारों की बीच शेयर मंथन के सर्वेक्षण से लगता है कि इस साल के अंत में निफ्टी 5500 से 5999 के बीच रहेगा।
हमारे सर्वेक्षण में शामिल 55.6% विशेषज्ञों ने कैलेंडर साल 2010 के अंत के लिए निफ्टी का लक्ष्य इस दायरे में दिया है। हालाँकि 11.1% विशेषज्ञों ने 2010 के अंत तक निफ्टी 6000 के ऊपर चले जाने की उम्मीद जतायी है। वहीं 14.8% की राय है कि निफ्टी दिसंबर 2010 तक 5000 से 5499 के बीच रहेगा, जबकि 18.5% की राय में साल का अंत 5000 के नीचे के स्तर पर होगा। इस साल की दूसरी छमाही में निफ्टी कहाँ तक फिसल सकता है, इस बारे में 55.6% विशेषज्ञों का कहना है कि यह तलहटी 4500 से 4999 के बीच होगी। वहीं दो तिहाई विशेषज्ञ इस दौरान निफ्टी का शिखर 5500 से 5999 के बीच बनता देख रहे हैं। इस कारोबारी साल के अंत तक, यानी मार्च 2011 तक दो तिहाई लोगों ने निफ्टी 6000 के ऊपर जाने की उम्मीद जतायी है। भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर विशेषज्ञों में जबरदस्त विश्वास दिख रहा है। करीब 81% दिग्गज जानकारों ने भारत की विकास दर (जीडीपी बढ़ने की दर) 8% से ऊपर रहने की उम्मीद जतायी है। इसी तरह करीब 80% लोगों ने अगले कारोबारी साल के दौरान भी 8% या इससे ज्यादा विकास दर रहने का भरोसा जताया है। लेकिन विश्व अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता साफ दिखती है। केवल 18.5% को उम्मीद है कि विश्व अर्थव्यवस्था अगले 6-12 महीनों में और सुधरेगी। सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 40.7% विशेषज्ञों का कहना है कि विश्व अर्थव्यवस्था इस दौरान स्थिर रहनी चाहिए, जबकि 37% को इसकी हालत बिगड़ने की आशंका है। लेकिन इस चिंता के बावजूद विश्व अर्थव्यवस्था दोहरी मंदी (डबल डिप) की आशंका कम ही लोगों ने जतायी है। केवल 23.1% का जवाब है कि ऐसा होने की संभावना काफी ज्यादा रहेगी। वहीं 57.7% के मुताबिक इसकी संभावना कम रहेगी, जबकि 19.2% ऐसा होने और नहीं होने की बराबर-बराबर संभावना देख रहे हैं। मगर विश्व अर्थव्यवस्था और विश्व बाजारों में जो भी हो, भारतीय बाजार का प्रदर्शन विश्व बाजारों से बेहतर ही रहने की उम्मीद दिखती है। करीब 81% के विशाल बहुमत ने भारत का प्रदर्शन विश्व बाजारों से अच्छा रहने की उम्मीद जतायी है। केवल 3.8% को ही लगता है कि भारतीय शेयर बाजार विश्व बाजारों से भी कमजोर चाल दिखायेगा, जबकि 15.4% के मुताबिक भारत की चाल विश्व बाजारों के साथ-साथ ही रहेगी। (शेयर मंथन, 02 जुलाई 2010) |