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किंगफिशर एयरलाइंस (Kingfisher Airlines) के कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से आज भी उड़ानें रद्द हो गयी है।
इससे यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को भी किंगफिशर की कई उड़ानें रद्द हो गयी थी। उड़ानें रद्द होने पर नागरिक विमानन महानिदेशक (डीजीसीए) ने किंगफिशर से सफाई माँगी है। इस बीच केंद्रीय विमानन मंत्री अजीत सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार निजी विमानन कंपनी को राहत पैकेज नहीं देगी। सरकार इसके लिए बैंक या निजी उद्योग से कुछ नहीं कहेगी। गौरतलब है कि अपनी माँगों को लेकर सबसे पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर तैनात किंगफिशर के कर्मचारी अचानक हड़ताल पर चले गये थे। इसके बाद दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और दूसरे शहरों में भी हड़ताल हो गयी। किंगफिशर फिलहाल 1,027 करोड़ रुपये के घाटे में है और 7,057 करोड़ रुपये बैंक के कर्जे में डूबी हुई है। किंगफिशर पर कई एयरपोर्ट का भी भारी बकाया है। मुंबई एयरपोर्ट का कुल 125 करोड़ रुपये बकाया है। किंगफिशर पर तेल मार्केटिंग कंपनियों का भी भारी बकाया है। तेल मार्केटिंग कंपनी एचपीसीएल का कुल 603 करोड़ रुपये बकाया है। (शेयर मंथन, 20 फरवरी 2012) |
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Last Updated ( Monday, 20 February 2012 15:37 )
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