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सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने जिन 122 लाइसेंसों को रद्द किया है, उनके विवरण के बारे में बाजार में कुछ भ्रम देखा गया।
एक प्रमुख अंग्रेजी वेबसाइट पर लिखा गया, “Reliance Communications dropped 4% after its 13 licenses were cancelled.” लेकिन कंपनी ने तुरंत ही इसका खंडन करके स्थिति साफ की और बताया कि रिलायंस कम्युनिकेशंस के सभी लाइसेंस 2001 या इससे भी पहले के हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के आज के आदेश से रिलायंस कम्युनिकेशंस के लाइसेंसों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। आज के आदेश में सबसे ज्यादा 22 लाइसेंस यूनिनॉर के रद्द हुए हैं। भारत को संचार (Telecom) के लिहाज से 22 सर्किलों में बाँटा गया है और किसी कंपनी को हर सर्किल में सेवाओं के लिए अलग लाइसेंस लेना होता है। लूप के मुंबई को छोड़ कर बाकी सभी सर्किलों के 21 रद्द किये गये हैं। मुंबई में लूप की सेवाएँ जनवरी 2008 से पहले से चल रही हैं। इसी तरह सिस्टेमा श्याम के 21 लाइसेंस रद्द किये गये हैं। राजस्थान में उसका लाइसेंस जनवरी 2008 से पहले का होने की वजह से रद्द होने वाले लाइसेंसों की सूची से बाहर है। आइडिया के बारे में प्रमुख अंग्रेजी वेबसाइट में लिखा गया, “Idea Cellular fell 2.6% as SC cancelled 21 licenses of the company.” लेकिन वास्तव में आइडिया के केवल 13 लाइसेंस प्रभावित हुए हैं। इनमें से 9 लाइसेंस सीधे आइडिया को मिले थे, जबकि 4 लाइसेंस उसे स्पाइस के अधिग्रहण के जरिये हासिल हुए थे। वीडियोकॉन के 21 सर्किलों (पंजाब छोड़ कर बाकी सभी सर्किल) के लाइसेंस निरस्त हो गये हैं। एतिसालात डीबी के 15 और एस-टेल के 6 लाइसेंस रद्द हुए हैं। टाटा टेली के बारे में कई जगहों पर 13 लाइसेंस रद्द होने की खबर दिखी, लेकिन वास्तव में इसके 3 लाइसेंस रद्द किये गये हैं जो असम, उत्तर-पूर्व और जम्मू-कश्मीर के हैं। (शेयर मंथन, 02 फरवरी 2012) |