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प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (PMEAC) ने सीएसओ के ताजा अनुमानों की तुलना में इस साल विकास दर कुछ अधिक रहने का अनुमान जताया है।
परिषद ने अगले कारोबारी साल के लिए और भी ज्यादा सकारात्मक उम्मीदें रखी हैं। परिषद के अध्यक्ष डॉ सी रंगराजन (Dr. C Rangarajan) ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस कारोबारी साल में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर (GDP) 7.1% रह सकती है। हाल ही में केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO) ने अपने आरंभिक अनुमान में कहा था कि 2011-12 में भारत की विकास दर 6.9% रहेगी। अर्थव्यवस्था की समीक्षा (2011-12) पर परिषद की रिपोर्ट जारी करते हुए रंगराजन ने कहा कि 2012-13 में विकास दर 7.5% से 8% के बीच रहेगी। उनके शब्दों में, हम अपने दम पर 8% की विकास दर हासिल कर सकेंगे, जबकि अगर विश्व अर्थव्यवस्था की स्थितियाँ ठीक रहीं तो विकास दर और ऊँची रह सकती है। साल 2008 की वैश्विक मंदी शुरू होने से पहले भारतीय अर्थव्यवस्था ने 9% से भी ज्यादा की बढ़त हासिल की थी, लेकिन 2008-09 में इसकी विकास दर घट कर 6.7% पर आ गयी। बीते साल 2010-11 में विकास दर वापस सँभल कर 8.4% तक पहुँची थी। लेकिन हाल में विश्व अर्थव्यवस्था के फिर से डगमगाने के बाद भारत की भी विकास दर में कमी आयी है। (शेयर मंथन, 22 फरवरी 2012) |
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Last Updated ( Wednesday, 22 February 2012 19:11 )
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