Home खबरें आईटी क्षेत्र निराश लगा इस बजट से
Banner
Banner
 
Banner
आईटी क्षेत्र निराश लगा इस बजट से Print E-mail
News - खास खबरें

मैट (मिनिमम ऐल्टरनेटिव टैक्स या न्यूनतम वैकल्पिक कर) को 15% से बढ़ा कर 18% करने का ज्यादा असर जिन क्षेत्रों पर होगा, उनमें आईटी क्षेत्र प्रमुख है। 

इसी वजह से आईटी कंपनियों की संस्था नैसकॉम ने बजट पर अपने बयान में इस बात को लेकर खास तौर पर निराशा जतायी है। नैसकॉम का कहना है कि इस कदम से खास कर उन छोटी-मँझोली कंपनियों पर ज्यादा बोझ पड़ेगा, जो अब भी वैश्विक मंदी के असर से जूझ रही हैं। क्वांटम सिक्योरिटीज ने भी अपने बजट विश्लेषण में मैट बढ़ना पूरे आईटी क्षेत्र के लिए नकारात्मक बताया है। 

नैसकॉम को इस बात से निराशा हुई है कि सरकार ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) योजना की मियाद बढ़ाने की मांग नहीं मानी। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने जुलाई 2010 में पेश बजट में इस योजना की अवधि 1 साल बढ़ा कर मार्च 2011 कर दी थी, लेकिन इस बार उन्होंने इसकी मियाद और आगे बढ़ाने की मांग नजरअंदाज कर दी।

हालाँकि नैसकॉम का कहना है कि छोटी आईटी कंपनियों के हितों का ध्यान रखने और दूसरी-तीसरी कतार के शहरों में आईटी क्षेत्र का विकास करने के लिए एसटीपीआई और एसईजेड योजनाओं को बराबरी के स्तर पर लाना जरूरी है। नैसकॉम का कहना है कि एसटीपीआई योजना के तहत कर छूट मार्च 2011 तक मिल रही है और इस दौरान वह सरकार के सामने अपना पक्ष फिर से रखेगी। 

विशिष्ट पहचान पत्र (यूआईडी) योजना पर 1900 रुपये खर्च करने के फैसले को क्वांटम सिक्योरिटीज ने जियोडेसिक, गोल्डाइन टेक्नोसर्व, बारट्रॉनिक्स, टीसीएस जैसी कंपनियों के लिए अच्छा बताया है। (शेयर मंथन, 27 फरवरी 2010)

Last Updated ( Saturday, 27 February 2010 21:29 )
 

Add comment


कंपनियों की सुर्खियाँ

स्पष्टीकरण (disclaimer) देखें। इस वेबसाइट या किसी भी अन्य माध्यम पर शेयर मंथन के किसी भी प्रकाशन या सेवा का उपयोग इस स्पष्टीकरण के अधीन है। 

Custom Search
Copyright © 2012 Share Manthan. All Rights Reserved.
Share Manthan is owned and managed by NaradVani Sanchar Madhyam Pvt. Ltd.
 
Banner