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Written by शेयर मंथन
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Tuesday, 27 July 2010 11:42 |
 भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी तिमाही समीक्षा में रेपो दर और रिवर्स रेपो दर दोनों में बढ़ोतरी की है।
आरबीआई ने रेपो दर को 0.25% अंक और रिवर्स रेपो दर को 0.50% अंक बढ़ाया है। रेपो दर अब बढ़ कर 5.75% हो गयी है। वहीं रिवर्स रेपो दर अब 4.50% हो गयी है। रेपो दर वह ब्याज दर है, जिस पर आम व्यावसायिक बैंक आरबीआई से बेहद छोटी अवधि के कर्ज लेते हैं। वहीं रिवर्स रेपो दर वह ब्याज दर है, जो इन बैंकों को बेहद छोटी अवधि के लिए कोई रकम आरबीआई के पास जमा कराने पर मिलती है। नकदर आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसे 6% पर बनाये रखा गया है। आरबीआई ने 2010-11 में भारतीय अर्थव्यवस्था (जीडीपी) की विकास दर के अनुमान को 8% से बढ़ा कर 8.5% कर दिया है। लेकिन साथ ही महँगाई दर (इन्फ्लेशन) के सालाना औसत के अनुमान को भी 5.5% से बढ़ा कर 6% कर दिया गया है। आरबीआई का यह फैसला आते ही भारतीय शेयर बाजार ने कुछ राहत महसूस की है, क्योंकि आरबीआई के ये फैसले मोटे तौर पर बाजार के अनुमानों के मुताबिक ही हैं। इनकी घोषणा से ठीक पहले सुबह करीब 11.30 बजे निफ्टी 5420 के कुछ नीचे कमजोर रुझान के साथ थोड़ा सपाट था। चंद मिनटों के अंदर यह बढ़ कर 5439 तक चला गया। (शेयर मंथन, 27 जुलाई 2010) |
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Last Updated ( Tuesday, 27 July 2010 11:59 )
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