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मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में क्यों लौट रही है खरीदारी?

शेयर बाजार में हाल के दिनों में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है। जहां निफ्टी में हल्की कमजोरी दिखाई दी, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते नजर आए।

अविनाश मेंटर रिसर्च सर्विसेज के संस्थापक अविनाश गोरक्षकर का कहना है कि इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में रिटेल निवेशकों की भागीदारी अब भी मजबूत बनी हुई है। एडवांस-डिक्लाइन रेशियो भी सकारात्मक रहा, जिससे यह साफ होता है कि बड़ी संख्या में शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। हालांकि विदेशी निवेशकों यानी एफआईआई की लगातार बिकवाली का दबाव मुख्य रूप से लार्जकैप शेयरों पर दिखाई दे रहा है।

केवल रिटेल निवेशक ही नहीं, बल्कि म्यूचुअल फंड, PMS और AIF जैसे बड़े घरेलू निवेशक भी चुनिंदा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश कर रहे हैं। आमतौर पर जब बाजार में गिरावट आती है तो निवेशकों का भरोसा सबसे पहले लार्जकैप कंपनियों पर रहता है, क्योंकि उन्हें अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। यही कारण है कि बड़े बैंकों और मजबूत लार्जकैप शेयरों में अब भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश करते समय काफी सतर्क रहने की जरूरत है। पिछले कुछ समय में कई छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में बहुत तेज़ी आई थी, इसलिए उनमें प्राइस करेक्शन आना स्वाभाविक माना जा रहा है। लेकिन जिन कंपनियों के बिजनेस फंडामेंटल मजबूत हैं और जिनके तिमाही नतीजे अच्छे आए हैं, वहां निवेशकों की रुचि अब भी बनी हुई है। खासतौर पर ऑटो कंपोनेंट, इलेक्ट्रिक व्हीकल, होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कई छोटी कंपनियां बेहतर ग्रोथ दिखा रही हैं, जिसके चलते उनमें सिलेक्टिव खरीदारी हो रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार चौथी तिमाही के नतीजों और कंपनियों के मैनेजमेंट कमेंट्री का बाजार पर बड़ा असर पड़ रहा है। निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आने वाला वित्तीय वर्ष कंपनियों के लिए कैसा रहने वाला है। इसी आधार पर वैल्यू बाइंग देखने को मिल रही है। SIP निवेशकों का पैसा लगातार बाजार में आ रहा है, जिससे घरेलू बाजार को एक मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।

इसके साथ ही बैंकिंग सेक्टर में भी अच्छी वैल्यू दिखाई दे रही है। खासतौर पर सरकारी बैंक जैसे Pपीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध माने जा रहे हैं। बाजार जानकारों का मानना है कि इन बैंकों में आगे बेहतर प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है। कुल मिलाकर बाजार में खरीदारी तो हो रही है, लेकिन एफआईआई की भारी बिकवाली के मुकाबले उसकी रफ्तार अभी कम है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए चुनिंदा और मजबूत कंपनियों पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है।

(शेयर मंथन, 04 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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