देश की प्रमुख सीमेंट कंपनी अंबुजा सीमेंट का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा। बढ़ती लागत, कमजोर कीमत और अनुमान से कम मात्रा के चलते कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखने को मिला।
इसके बावजूद ब्रोकरेज हाउस सेंट्रम ब्रोकिंग ने स्टॉक पर खरीदारी (BUY) रेटिंग बरकरार रखी है। हालाँकि, लागत दबाव को देखते हुए टारगेट प्राइस को 653 रुपये से घटाकर 508 रुपये कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का समेकित राजस्व सालाना आधार पर 9.4% बढ़ कर 1.09 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं एबिटा (EBITDA) में 21.6% की गिरावट दर्ज हुई और यह 14,639 करोड़ रुपये पर आ गया। एबिटा मार्जिन घटकर 13.4% रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 18.7% था। प्रति टन एबिटा भी 27% गिरकर 728 रुपये रह गया।
कंपनी को क्यों मिली खरीदारी की रेटिंग?
ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि परिचालन लागत में वार्षिक आधार पर लगभग 8% की वृद्धि हुई (तिमाही आधार पर लगभग स्थिर) और यह बढ़कर 4,702 रुपये हो गयी, जो अनुमान से लगभग 1% अधिक है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में अधिकांश प्रतिस्पर्धियों की तुलना में तिमाही आधार पर लागत में तेजी से वृद्धि देखी गयी थी, जिससे इस तिमाही में लागत में कमी की उम्मीद जगी थी। हालाँकि, लागत स्थिर बनी रही।
चौथी तिमाही कई प्रतिकूल परिस्थितियों से प्रभावित हुई। भट्टी के ईंधन की उच्च लागत, क्लिंकर स्टॉक का संचय, नियोजित बंदी के दौरान लंबी अवधि के बाजारों की सेवा, और अन्य खर्चों में वृद्धि (ब्रांडिंग, पैकेजिंग सामग्री, बंदी से संबंधित लागतें, और राज्य करों में वृद्धि)। राज्य चुनावों के दौरान पैकेजिंग आपूर्ति की कमी और श्रम प्रवासन से भी अतिरिक्त दबाव पड़ा।
ब्रोकरेज का कहना है कि बढ़ी हुई लागत के साथ-साथ, मात्रा और प्राप्ति दोनों का प्रदर्शन भी कम रहा। कुल बिक्री मात्रा (क्लिंकर सहित) में वार्षिक आधार पर लगभग 8% और तिमाही आधार पर लगभग 6% की वृद्धि हुई, जो लगभग 20.1 मिलियन टन तक पहुँच गयी, जो अनुमानित लगभग 20.5 मिलियन टन से मामूली रूप से कम है। ओरिएंट सीमेंट के लिए समायोजित करने पर, मात्रा में वार्षिक आधार पर लगभग 1% की गिरावट आई। प्राप्ति में वार्षिक आधार पर लगभग 2% की वृद्धि हुई, लेकिन तिमाही आधार पर यह 5,431 रुपये प्रति टन पर स्थिर रही (लगभग 1% की कमी)। इस प्रकार, एबिटा/टन में वार्षिक आधार पर लगभग 27% की गिरावट आई, लेकिन तिमाही आधार पर लगभग 2% की वृद्धि हुई और यह 728 रुपये रहा, जबकि अनुमान 840 रुपये था।
मूल्यांकन पर ब्रोकरेज हाउस ने क्या कहा?
मात्रा में वृद्धि भी अनुमान से कमजोर रही। कंपनी की कुल बिक्री मात्रा लगभग 8% बढ़कर 20.1 मिलियन टन रही, लेकिन यह ब्रोकरेज अनुमान से थोड़ी कम थी। वहीं सीमेंट की औसत कीमतों में केवल मामूली सुधार हुआ, जिससे बढ़ती लागत का पूरा असर ग्राहकों तक पहुँचाना संभव नहीं हो पाया। सेंट्रम ब्रोकिंग ने वित्त वर्ष 2025-26 और वित्त वर्ष 2026-27 के एबिटा अनुमान में क्रमशः 22% और 15% की कटौती की है। साथ ही मूल्यांकन गुणक को 18x से घटाकर 16x EV/EBITDA कर दिया गया है। इसके आधार पर नया लक्ष्य मुल्य 508 रुपये तय किया गया है। ब्रोकरेज का कहना है कि आने वाले समय में लागत दबाव और कमजोर मार्जिन चुनौती बने रह सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि में कंपनी की विस्तार योजनाएँ, लागत नियंत्रण रणनीति और मजबूत बाजार स्थिति इसे बेहतर वृद्धि की ओर ले जा सकती हैं। यही वजह है कि खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा गया है।
(शेयर मंथन, 09 मई 2026)