पंकज चौधरी जानना चाहते हैं कि उन्हें पर्सिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 1750 रुपये के स्तर पर खरीदा है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि हाल की कमजोरी के पीछे एक बड़ा कारण समूह स्तर पर चल रही मर्जर प्रक्रिया है। जब भी बड़े स्तर पर विलय (मर्जर) की घोषणा होती है, जैसे पहले एचडीएफसी बैंक समूह के विलय में देखा गया तो उस प्रक्रिया को पूरा होने में एक से दो साल का समय लग सकता है। इस दौरान निवेशकों में अनिश्चितता बनी रहती है और शेयरों में दबाव देखने को मिलता है।
इसी तरह सीमेंट कंपनियों के एकीकरण की प्रक्रिया के चलते एसीससी समेत अन्य संबंधित शेयर भी दबाव में हैं। तकनीकी तौर पर 1750 के आसपास जो सपोर्ट दिख रहा था, वह टूट चुका है। अब 1600 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो पहले का बॉटम रहा है। हालांकि किसी एक सटीक स्तर पर पूरी तरह भरोसा करना सही नहीं होता। 1550 से 1600 के दायरे को एक अहम सपोर्ट जोन के रूप में देखा जा सकता है, जहाँ शेयर अपने अधिकांश नकारात्मक पहलुओं को पहले ही कीमत में समाहित (फैक्टर) कर चुका हो सकता है।
ऊपर की ओर यदि 1750 के ऊपर मजबूती से वापसी होती है, तो शॉर्ट कवरिंग के चलते 1900-1950 तक की रैली संभव हो सकती है। लेकिन जब तक मर्जर प्रक्रिया स्पष्ट रूप से आगे नहीं बढ़ती और अनिश्चितता कम नहीं होती, तब तक बड़ी और स्थायी तेजी की उम्मीद करना कठिन है।
एसीसी फिलहाल संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। 1550 के आसपास का जोन दीर्घकालिक निवेशकों के लिए निगरानी का स्तर हो सकता है, जबकि 1750 के ऊपर की मजबूती ही निकट अवधि में राहत का संकेत देगी। निवेशकों को धैर्य और स्पष्ट रणनीति के साथ ही निर्णय लेना चाहिए।
(शेयर मंथन, 16 फरवरी 2026)
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