भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में लिए गए फैसलों को बाजार विशेषज्ञ भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा गेमचेंजर मान रहे हैं।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि आरबीआई ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज और पूंजीगत लाभ से जुड़े करों में राहत दी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस कदम से अगले छह महीनों में 30 से 50 अरब डॉलर तक का विदेशी निवेश भारत में आ सकता है। इससे न केवल भारतीय कंपनियों को सस्ता पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी, बल्कि रुपये की कमजोरी पर भी लगाम लग सकती है। विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ने से भारतीय करेंसी को स्थिरता मिलेगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। बाजार का मानना है कि इस कदम का पूरा असर आने वाले महीनों में दिखाई देगा और यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत साबित हो सकता है।
(शेयर मंथन, 09 जून 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)