हालिया जीडीपी आंकड़ों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत दिया है, लेकिन विशेषज्ञ अभी भी पूरी तरह निश्चिंत नहीं हैं।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि एक तरफ अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करती दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतें, मानसून की स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताएं आगे की वृद्धि को प्रभावित कर सकती हैं। विश्लेषकों का कहना है कि मार्च तिमाही के आंकड़े मजबूत रहे हैं, लेकिन अप्रैल, मई और जून के आर्थिक संकेतक वास्तविक तस्वीर स्पष्ट करेंगे। यदि तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और महंगाई बढ़ती है तो विकास दर पर दबाव आ सकता है। इसलिए निवेशकों को केवल वर्तमान आंकड़ों पर नहीं बल्कि आने वाले महीनों के आर्थिक संकेतकों पर भी नजर रखनी चाहिए।
(शेयर मंथन, 09 जून 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)