पिछले डेढ़ साल से विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार में लगातार सतर्क नजर आए हैं।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि अब परिस्थितियां बदलती दिखाई दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि RBI के नए कदमों से रुपये में स्थिरता आती है और विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ता है तो FII की रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकता है। विदेशी निवेशक केवल शेयरों के रिटर्न को नहीं देखते बल्कि मुद्रा विनिमय दर के जोखिम को भी महत्व देते हैं। यदि रुपये में गिरावट रुकती है और कॉर्पोरेट मुनाफा बेहतर बना रहता है तो भारतीय इक्विटी बाजार फिर से विदेशी निवेशकों की पसंद बन सकता है। इससे बाजार में नई तेजी का माहौल बन सकता है और निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
(शेयर मंथन, 10 जून 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)