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क्या HUL में 1800 रुपये का स्तर बनेगा सपोर्ट?

क्या HUL के शेयर में गिरावट के बाद करीब 1800 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकता है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि हिंदुस्तान यूनिलीवर के चार्ट पर चर्चा करते हुए कहा कि शेयर में लंबे समय से गिरावट देखने को मिली है और मौजूदा स्तरों पर तकनीकी रिट्रेसमेंट को समझना जरूरी है। उन्होंने करीब 1800 रुपये के स्तर को एक महत्वपूर्ण सपोर्ट क्षेत्र के तौर पर देखा।

शेयर ने जिस लंबे साइकिल में तेजी दिखाई थी, अब उसमें रिट्रेसमेंट देखने को मिल रहा है। उनके विश्लेषण में करीब 50% रिट्रेसमेंट के आसपास सपोर्ट मिलने की संभावना पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी कहा कि करीब 2000-2050 रुपये के क्षेत्र में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है। अगर शेयर इस दायरे के ऊपर टिकता है तो आगे की तेजी की संभावना का दोबारा मूल्यांकन किया जा सकता है।

हालांकि, एक्सपर्ट ने केवल चार्ट के आधार पर आगे की दिशा तय करने से बचने की बात कही। उनके मुताबिक, अगले तिमाही नतीजों में सबसे महत्वपूर्ण चीज वॉल्यूम ग्रोथ रहेगी। कंपनियां कीमतों में बदलाव के जरिए बिक्री को मैनेज कर सकती हैं, लेकिन अगर वास्तविक वॉल्यूम ग्रोथ नहीं आती है तो FMCG कंपनियों के प्रीमियम वैल्यूएशन पर दबाव बना रह सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि शेयर में राउंडिंग टॉप जैसा पैटर्न दिखाई दे रहा है और ऐसे बड़े साइकिल में रिट्रेसमेंट काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर 1900 रुपये का स्तर टिकता नहीं है तो करीब 1650 रुपये के आसपास के 61.8% रिट्रेसमेंट स्तर पर भी नजर रखी जा सकती है। हालांकि, इन स्तरों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए प्राइस के साथ-साथ समय और कंपनी के तिमाही प्रदर्शन को भी देखना जरूरी होगा।

इस तरह HUL के मामले में 1800-1900 रुपये का क्षेत्र तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण बताया गया, जबकि 2000-2050 रुपये की रेंज में संभावित शॉर्ट कवरिंग पर नजर रखने की बात कही गई। आगे की दिशा में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ, तिमाही नतीजे और वैल्यूएशन अहम भूमिका निभा सकते हैं।


(शेयर मंथन, 22 सितंबर 2026)

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