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क्या एसबीआई के शेयर में शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी कमजोर है?

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयर को लेकर शॉर्ट टर्म ट्रेंड पर बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार ने सावधानी बरतने की बात कही है।

1039 रुपये के आसपास के भाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल SBI में बहुत ज्यादा उम्मीद रखना उचित नहीं है। उनके मुताबिक शेयर के चार्ट पर ऐसा स्ट्रक्चर बन रहा है, जो शॉर्ट टर्म में तेजी के बजाय कमजोरी की ओर संकेत कर रहा है।

SBI के चार्ट पर डबल टॉप स्ट्रक्चर का जिक्र किया। उनके अनुसार करीब 1,120-1,125 रुपये के आसपास यह स्ट्रक्चर शेयर के लिए परेशानी पैदा कर रहा है। जब तक SBI इस स्तर के ऊपर मजबूती से नहीं निकलता, तब तक वह संरचनात्मक तौर पर शेयर को पॉजिटिव मानने की स्थिति में नहीं हैं। इस वजह से शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को तेजी की उम्मीद में ज्यादा आक्रामक होने से बचने की बात कही गई।

शॉर्ट टर्म के लिहाज से उन्होंने SBI में करीब 965 रुपये के आसपास के स्तर को बॉटम फॉर्मेशन के तौर पर बताया। वहीं, 9 सितंबर की डोजी कैंडल का हाई एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में फिलहाल शेयर के लिए एक सीमित रेंज पर नजर रखने की बात कही गई, जिसमें नीचे की तरफ बॉटम और ऊपर की तरफ रेजिस्टेंस महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

SBI के कमजोर स्ट्रक्चर की वजह बताते हुए विशेषज्ञ ने 24 जुलाई की कैंडल का भी जिक्र किया। उनके अनुसार इस कैंडल का लो टूटने के बाद चार्ट पर लोअर हाई जैसा पैटर्न बना, जो शेयर के लिए परेशानी का संकेत देता है। इसी वजह से मौजूदा ट्रेंड को लेकर उनका रुख सकारात्मक नहीं है।

बातचीत के दौरान विशेषज्ञ ने ऑप्शंस ट्रेडिंग को लेकर भी रिटेल ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऑप्शंस को केवल सीमित जोखिम वाले प्रोडक्ट के तौर पर देखना पर्याप्त नहीं है। उनके मुताबिक ऑप्शंस ट्रेडिंग में ग्रीक्स, स्प्रेड्स, मिसप्राइसिंग, वोलैटिलिटी, थीटा और डेल्टा जैसे पहलुओं को समझना जरूरी है। उनका कहना था कि बिना पर्याप्त समझ के ऑप्शंस ट्रेडिंग में नुकसान का जोखिम काफी बढ़ सकता है।


(शेयर मंथन, 29 सितंबर 2026)

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