सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र (आईटी सेक्टर) में हालिया गिरावट के बाद आज जोरदार वापसी देखने को मिली। निवेशकों के बेहतर होते भरोसे और सकारात्मक संकेतों के बीच निफ्टी आईटी सूचकांक में तेज उछाल आयी। दिन के कारोबार में यह सूचकांक करीब 2.78% चढ़ कर लगभग 29,559.30 अंक के स्तर पर बंद हुआ, जबकि इंट्राडे में इसने एक समय 30,055.60 अंक का उच्च स्तर भी छुआ।
इस तेजी के पीछे दो बड़े कारण रहे। एक तरफ वैश्विक संकेतों में सुधार, और दूसरी ओर सीएलएसए की ताजा रिपोर्ट, जिसने कृत्रिम मेधा (एआई) को लेकर बने डिफ्लेशन के डर को काफी हद तक कम कर दिया। इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि एआई के कारण आईटी सेवाओं की कीमतों में अतिरिक्त गिरावट का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
बाजार में तेजी का नेतृत्व बड़े आईटी शेयरों ने किया। टेक महिंद्रा के शेयर 3.23% चढ़ कर 1,385.20 रुपये पर बंद हुए, जबकि विप्रो में 1.56% की बढ़त दर्ज की गयी और यह 194.30 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इन्फोसिस के शेयर भी 2.77% उछल कर 1,267.10 रुपये पर पहुँचे। इसके अलावा टीसीएस 2.05% चढ़ कर 2,440.80 रुपये पर और एचसीएल टेक 2.73% उछल कर 1,357.20 रुपये पर बंद हुआ।
मिडकैप आईटी शेयरों में तो तेजी और भी ज्यादा मजबूत रही। कोफोर्ज, एमफैसिस, ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज, परसिस्टेंट सिस्टम्स और एलटीआई माइंडट्री जैसे शेयरों में 2.40% से 5.41% तक की उछाल दर्ज की गयी, जिससे यह साफ हुआ कि निवेशकों की दिलचस्पी पूरे आईटी क्षेत्र में बढ़ी है।
सीएलएसए की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख आईटी कंपनियों - टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल और विप्रो से बातचीत में यह सामने आया कि हाल में आये एआई टूल्स के बावजूद कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल में कीमतों पर अतिरिक्त दबाव नहीं बढ़ा है। इससे यह धारणा कमजोर पड़ी है कि एआई आईटी कंपनियों के मार्जिन पर बड़ा असर डालेगा। रिपोर्ट यह भी बताती है कि एआई से कुछ हद तक 2-3% तक का डिफ्लेशन जरूर दिख रहा है, लेकिन इसे नये काम और बढ़ते वॉल्यूम से संतुलित किया जा रहा है। यानी एआई को अब खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में मजबूत माँग और डील पाइपलाइन के बने रहने से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। हालाँकि, खुदरा (रिटेल) और वाहन (ऑटो) जैसे कुछ क्षेत्रों में कमजोरी बनी हुई है, लेकिन समग्र रूप से आईटी सेक्टर की माँग स्थिर बनी हुई है। (शेयर मंथन, 18 मार्च 2026)