निफ्टी 26,000 पर अटका, निवेशकों को अब आगे क्या करना चाहिए?

हालिया कारोबारी सत्रों में शेयर बाजार की चाल काफी कंफ्यूज्ड रही। निफ्टी 26,000 के आसपास बार-बार अटकता दिख रहा है, जिससे ऊपर की नई दिशा बनने में दिक्कत आ रही है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार कहते है कि निफ्टी आईटी और निफ्टी बैंक की विपरीत चाल भी इंडेक्स पर दबाव बना रही है। हालांकि, बाजार में बड़ी गिरावट के संकेत नहीं दिखते। मौजूदा हालात में 25,500 निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट माना जा रहा है। अगर मामूली करेक्शन भी आता है तो 200-300 अंकों से ज्यादा की गिरावट की संभावना कम लगती है। कुल मिलाकर, बाजार का ट्रेंड अब भी “बाय ऑन डिप्स” वाला बना हुआ है। 

तिमाही नतीजों की बात करें तो शुरुआत में डर जरूर था, लेकिन धीरे-धीरे नतीजों में सुधार देखने को मिल रहा है। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में बिक्री वृद्धि 9-11% के दायरे में आती दिख रही है और मुनाफे की ग्रोथ भी बेहतर हो रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि ब्रॉडर मार्केट की बुनियाद मजबूत हो रही है। जनवरी में आए करेक्शन के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप के वैल्यूएशन भी काफी हद तक संतुलित हो गए हैं। अगर आगे भी कमाई के आंकड़े अच्छे रहते हैं तो महंगे दिख रहे वैल्यूएशन समय के साथ अपने-आप सस्ते लगने लगेंगे। 

निफ्टी के टेक्निकल लेवल्स पर नजर डालें तो 25,500 के आसपास मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,900-25,000 का क्षेत्र अंतिम बड़ा सपोर्ट हो सकता है। ऊपर की तरफ 26,000 के ऊपर टिकना फिलहाल आसान नहीं लग रहा, इसलिए निवेशकों को ऊपर के टारगेट देखने के बजाय नीचे के सपोर्ट लेवल्स पर नजर रखनी चाहिए। रणनीति यही है कि गिरावट के करीब खरीदारी की जाए और रिस्क मैनेजमेंट साफ रखा जाए।

बैंकिंग सेक्टर में निफ्टी बैंक फिलहाल एक रेंज में फंसा हुआ है। यहां भी “बाय ऑन डिप्स” की सोच ही सही लगती है। 59,500 के आसपास पहला सपोर्ट और 57,800 के पास मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। जब तक ये स्तर नहीं टूटते, तब तक बैंकिंग में बड़ी कमजोरी की आशंका कम है। हालांकि, इस सेक्टर में नई तेजी आने से पहले थोड़ा समय लग सकता है।

आईटी सेक्टर की स्थिति फिलहाल कमजोर नजर आ रही है। निफ्टी आईटी 35,000 के आसपास संघर्ष कर रहा है और अगर यह स्तर टूटता है तो 33,500–34,000 तक और दबाव देखने को मिल सकता है। एआई और नए टेक्नोलॉजी मॉडल्स से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण सेक्टर पर दबाव बना हुआ है। वैल्यूएशन में अभी भी 10-15% तक और करेक्शन की गुंजाइश बताई जा रही है। इसलिए मौजूदा समय में आईटी सेक्टर को वेल्थ क्रिएशन के बजाय ट्रेडिंग के नजरिये से देखना ज्यादा समझदारी भरा माना जा रहा है।


(शेयर मंथन, 12 फरवरी 2026)

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