क्या गिरते बाजार में निवेश करना सही रणनीति है या अभी इंतजार बेहतर है?

नावी म्यूचुअल फंड के सीईओ आदित्य मुल्की के साथ बातचीत में पिछले पांच वर्षों की कंपनी की यात्रा, वर्तमान बाजार की स्थिति और निवेश रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

नावी म्यूचुअल फंड ने 2021 में रीब्रांडिंग के बाद अपनी नई पहचान के साथ शुरुआत की थी। उस समय कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग 600 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 9300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से पैसिव फंड्स, खासकर इंडेक्स फंड्स के जरिए आई है, जहां कंपनी ने शुरुआत से ही फोकस रखा और इसी रणनीति ने उसे तेजी से बढ़ने में मदद की। आदित्य मुल्की के अनुसार, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाने के लिए तीन प्रमुख तत्व होते हैं। बेहतर प्रोडक्ट, मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन और प्रभावी ब्रांडिंग। लेकिन लंबे समय में सबसे ज्यादा महत्व प्रोडक्ट की गुणवत्ता और उसकी परफॉर्मेंस का होता है। नावी का मानना है कि यदि फंड लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है, तो निवेशकों का भरोसा अपने आप बनता है और AUM में स्थायी वृद्धि होती है। यही कारण है कि कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता और निवेशकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

बाजार की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं, खासकर जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। निवेशकों को इस समय बहुत अधिक रिटर्न की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए और अपने अनुमान को थोड़ा संयमित रखना चाहिए। उनका मानना है कि आने वाले समय में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है और निवेशकों को धैर्य के साथ निवेश करना चाहिए।

एक्टिव फंड मैनेजमेंट के संदर्भ में उन्होंने बताया कि नावी ने अपने पोर्टफोलियो को ज्यादा डाइवर्सिफाइड रखा है ताकि जोखिम कम किया जा सके। कंपनी ने सेक्टर के स्तर पर भी सोच-समझकर ओवरवेट और अंडरवेट रणनीति अपनाई है, जैसे आईटी सेक्टर में कम निवेश और हेल्थकेयर व ऑटो एंसिलरी में ज्यादा फोकस। इस तरह की रणनीति से कंपनी ने कठिन बाजार परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश की है।

निवेश के अवसरों पर बात करते हुए आदित्य मुल्की ने कहा कि बाजार में गिरावट के दौरान निवेश के अच्छे मौके बनते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक साथ पूरी रकम निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर होता है, क्योंकि बाजार का निचला स्तर कब आएगा, इसका सही अनुमान लगाना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि कुछ सेक्टर्स और खासकर स्मॉल कैप स्टॉक्स में इस समय आकर्षक वैल्यूएशन देखने को मिल रहे हैं।

निवेशकों के व्यवहार को लेकर उन्होंने कहा कि अभी तक एसआईपी निवेश में कोई खास कमी नहीं आई है और निवेशकों में जागरूकता बढ़ी है। हालांकि अगर बाजार में गिरावट लंबे समय तक जारी रहती है, तो निवेशकों का धैर्य कमजोर पड़ सकता है। इसलिए अनुशासन और लंबी अवधि का नजरिया बनाए रखना जरूरी है। अंत में उन्होंने कहा कि नावी म्यूचुअल फंड का लक्ष्य केवल बड़े निवेशकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम रिटेल निवेशकों को भी निवेश के दायरे में लाना है। भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की पहुंच अभी भी सीमित है और कंपनी का फोकस फाइनेंशियल इंक्लूजन को बढ़ाने पर है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग निवेश के माध्यम से अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत बना सकें।

 



(शेयर मंथन, 06 अप्रैल 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)