फरवरी में मजबूत रही वाहन बिक्री, यात्री वाहनों में 10.6% और दोपहिया में 35% वृद्धि

देश के वाहन उद्योग में बीते महीने के दौरान माँग मजबूत बनी रही और अधिकांश वाहन श्रेणियों में बिक्री में 10% से अधिक वृद्धि दर्ज की गयी। उद्योग संगठन सियाम के अनुसार, घरेलू बाजार में कंपनियों से डीलरों को भेजे जाने वाले पैसेंजर वाहनों की खेप (dispatch) सालाना आधार पर 10.6% बढ़ कर 4,17,705 इकाइयों पर पहुँच गयी। पिछले साल फरवरी में यह आँकड़ा 3,77,689 इकाइयों का रहा था।

यात्री वाहनों की इस वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान यूटिलिटी वाहनों का रहा। इस श्रेणी की बिक्री 13.5% बढ़ कर 2,36,957 पर पहुँच गयी, जबकि पिछले साल फरवरी में यह 2,08,795 थी। इसके विपरीत यात्री कारों की खेप में गिरावट दर्ज की गयी। फरवरी में यात्री कारों की बिक्री 3.8% घट कर 1,06,799 की रह गयी, जो एक साल पहले इसी महीने में 1,10,966 पर थी। वैन श्रेणी में हल्की वृद्धि देखने को मिली। फरवरी में वैन की बिक्री 1.1% बढ़ कर 11,620 इकाइयों की रही, जबकि फरवरी 2025 में यह संख्या 11,493 थी।

दोपहिया बिक्री में 35.2% उछाल

दोपहिया वाहनों की बिक्री में तेज उछाल दर्ज की गयी। फरवरी में दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री 35.2% बढ़ कर 18,71,406 इकाइयों की रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 13,84,605 थी। मोटरसाइकिल बिक्री में 30.8% की वृद्धि हुई और यह 10,96,537 पर पहुँच गयी, जो फरवरी 2025 में 8,38,250 थी। स्कूटर श्रेणी में वृद्धि और भी तेज रही। फरवरी में स्कूटर बिक्री 42.3% बढ़ कर 7,29,774 हो गयी, जबकि 1 साल पहले इसी अवधि में यह 5,12,783 थी।

तिपहिया वाहनों की खेप में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गयी। फरवरी में यह 29% बढ़ कर 74,573 हो गयी, जबकि पिछले साल फरवरी में यह 57,788 थी।

सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि उद्योग में सकारात्मक रुझान जारी है। उनके अनुसार, यात्री वाहन, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की पिछले महीने बिक्री अब तक के फरवरी महीने के लिए सबसे अधिक रही है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि आगे के महीनों के लिए पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष चिंता का विषय बना हुआ है। इससे आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने का जोखिम है, जिसका असर विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) प्रक्रियाओं और निर्यात पर पड़ सकता है। सियाम के अनुसार मार्च में देश के कई हिस्सों में त्योहारों की वजह से माँग को समर्थन मिलने की उम्मीद है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियाँ और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े जोखिम उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बने रहेंगे। (शेयर मंथन, 13 मार्च 2026)