घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती से बाजार को सहारा, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव बना बड़ा जोखिम: के. संदीप नायक

सेंट्रम फिनवर्स लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ के. संदीप नायक का आकलन घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती पर आधारित आशावाद के साथ वैश्विक जोखिमों को भी रेखांकित करता है। 

के. संदीप नायक का मानना है कि मजबूत घरेलू वृहद आर्थिक परिस्थितियों के चलते भारतीय परिवारों की इक्विटी में बढ़ती हिस्सेदारी बाजार को दीर्घकालिक समर्थन देती रहेगी। हालाँकि भू-राजनीतिक तनाव एक बड़ा जोखिम बने हुए हैं। 

के. संदीप नायक के अनुमान

सेंसेक्स लक्ष्य (जून 2026)

90,000

निफ्टी लक्ष्य (जून 2026)

27,800

सेंसेक्स लक्ष्य (दिसंबर 2026)

95,600

निफ्टी लक्ष्य (दिसंबर 2026)

29,700

2025-26 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

1077

2026-27 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

1239

2025-26 की दूसरी छमाही में कॉर्पोरेट आय वृद्धि

10-20%

2025-26 में जीडीपी वृद्धि

7.7%

2026-27 में जीडीपी वृद्धि

7.5%

अगले 6 माह में डॉलर-रुपया विनिमय दर

91-95

अमेरिका से ट्रेड डील कब तक

जून 2026

सेंसेक्स 1 लाख पर किस वर्ष तक पहुँचेगा

2027

नायक भारतीय शेयर बाजार के लिए अभी सबसे बड़ा सकारात्मक कारक मजबूत घरेलू वृहद आर्थिक संकेतकों और भारतीय परिवारों की इक्विटी में बढ़ती हिस्सेदारी को मानते हैं। इसके विपरीत, वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसे भू-राजनीतिक घटनाक्रम को वे सबसे बड़ा नकारात्मक जोखिम मानते हैं। उनका मानना है कि अगले 12 महीनों में भारतीय बाजार वैश्विक बाजारों से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

आने वाले छह महीनों में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारकों में वे अमेरिकी शुल्क, तिमाही नतीजे और भू-राजनीतिक घटनाक्रम को मानते हैं। अमेरिकी शुल्कों का असर वे भारतीय बाजार के लिए हल्का नकारात्मक मानते हैं और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जून 2026 तक अंतिम रूप लेने की उम्मीद जताते हैं।
आगामी आम बजट 2026-27 से उनकी प्रमुख अपेक्षा राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 4 से 4.5% के दायरे में बनाये रखने की है। उनके अनुसार बजट का असर बाजार पर हल्का सकारात्मक रह सकता है।

ब्याज दरों पर नायक का मानना है कि कैलेंडर वर्ष 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक दो बार 25 आधार अंक की कटौती कर सकता है, जबकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व तीन बार 25 आधार अंक की कटौती कर सकता है। निजी पूँजीगत व्यय की वापसी को वे कैलेंडर वर्ष 2026 में फिलहाल असंभव मानते हैं।

वैश्विक स्तर पर आने वाले महीनों में अमेरिकी वैश्विक राजनीति में आक्रामक रुख भारतीय बाजारों को सबसे अधिक प्रभावित करने वाला कारक हो सकता है। विदेशी निवेश प्रवाह को लेकर उनका मानना है कि एफपीआई की निकासी थम सकती है। हालाँकि नया प्रवाह आने में समय लगेगा, जबकि एफडीआई की घोषणाएँ स्थिर बनी रह सकती हैं।

अगले 1 साल में पसंदीदा क्षेत्र/शेयर

तेजी वाले क्षेत्र : बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं, रक्षा और बिजली

कमजोर क्षेत्र : आईटी और ईएमएस

5 पसंदीदा शेयर : हिंदुस्तान जिंक, रिलायंस, बीपीसीएल, एचएएल और एलऐंडटी

(शेयर मंथन, 21 जनवरी 2026)