मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हाल के महीनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है।
बाजार विशेषज्ञ सुनील सुब्रमण्यम का कहना है कि इसे पूरी तरह मजबूत आर्थिक आधार पर आधारित नहीं मानते। उनका कहना है कि चौथी तिमाही के शानदार नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, लेकिन इन नतीजों में बढ़ती कच्चे माल की लागत और तेल कीमतों का पूरा असर दिखाई नहीं दिया। इसके अलावा म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और रिटेल निवेशकों की लगातार खरीदारी ने बाजार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। हालांकि, जुलाई में आने वाले पहली तिमाही के नतीजे वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगे क्योंकि तब महंगे तेल और वैश्विक संकटों का असर कंपनियों की कमाई में दिखाई देगा। ऐसे में मौजूदा तेजी को केवल लिक्विडिटी आधारित रैली माना जा रहा है और निवेशकों को आगे की तस्वीर के लिए अगले कुछ महीनों का इंतजार करना चाहिए।
(शेयर मंथन, 05 जून 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)