बजाज फाइनेंस को लेकर बाजार विशेषज्ञ का मानना है कि लंबी अवधि में कंपनी के लिए भारत की बढ़ती क्रेडिट जरूरत एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकती है।
962 रुपये के आसपास शेयर खरीदने वाले निवेशक के सवाल पर बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि फिलहाल शेयर की वैल्यूएशन काफी प्रीमियम पर है, इसलिए तुरंत नई खरीदारी के बजाय लंबी अवधि की ग्रोथ को समझना ज्यादा जरूरी है। उनके मुताबिक Bajaj Finance एक अग्रणी NBFC है और इसी वजह से उसे दूसरे NBFC के मुकाबले ज्यादा Price to Book मल्टीपल मिल सकता है।
विशेषज्ञ ने समझाया कि अगर किसी सामान्य NBFC को करीब 3 गुना Price to Book का वैल्यूएशन दिया जाता है तो Bajaj Finance जैसी प्रमुख कंपनी को करीब 5 गुना तक का प्रीमियम मिलना संभव है। इसी आधार पर उन्होंने 850–900 रुपये के आसपास शेयर के लिए संभावित बेस की बात कही, जबकि 1000–1100 रुपये के आसपास शेयर में रेंज या अटकाव देखने को मिल सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बुल मार्केट में वैल्यूएशन ज्यादा हो सकता है और खराब सेंटीमेंट में यही मल्टीपल नीचे भी आ सकता है।
लंबी अवधि के निवेशक के लिए विशेषज्ञ ने बुक वैल्यू की ग्रोथ को सबसे महत्वपूर्ण गणनाओं में से एक बताया। उदाहरण के तौर पर उन्होंने कहा कि अगर 5 साल में कंपनी की बुक वैल्यू दोगुनी हो जाती है तो आज का करीब 6 गुना Price to Book भविष्य में करीब 3 गुना रह जाएगा। अगर उस समय कंपनी को करीब 5 गुना Price to Book का वैल्यूएशन मिलता है तो शेयर की कीमत में अच्छी बढ़त की गुंजाइश बन सकती है। उन्होंने इस गणना को किसी निश्चित शेयर प्राइस का अनुमान नहीं बताया, बल्कि निवेशकों को यह समझाने की कोशिश की कि लंबी अवधि में रिटर्न केवल मौजूदा शेयर कीमत से नहीं, बल्कि कंपनी की बुक ग्रोथ और भविष्य के वैल्यूएशन से भी तय होता है।
Jio Finance से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के सवाल पर विशेषज्ञ ने कहा कि भारत में घरेलू क्रेडिट का बाजार अभी भी काफी बड़ा हो सकता है। उनका तर्क है कि अगर अर्थव्यवस्था का आकार लगातार बढ़ता है तो क्रेडिट की जरूरत और उसका बाजार भी विस्तार कर सकता है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था के मौजूदा आकार को लेकर लंबी अवधि में कंपाउंडिंग की संभावना समझाई और कहा कि अगर अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत दर से बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में उसका आकार काफी बड़ा हो सकता है। इसका असर क्रेडिट बाजार पर भी पड़ सकता है।
हालांकि विशेषज्ञ ने यह भी संकेत दिया कि भारत की ग्रोथ को केवल सर्विस सेक्टर तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं होगा। अर्थव्यवस्था की व्यापक और लगातार ग्रोथ जरूरी है। उनके मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था लंबे समय में करीब 6% की औसत ग्रोथ बनाए रखने में सक्षम रही है और अगर यह ग्रोथ जारी रहती है तो क्रेडिट सेक्टर के लिए भी बड़ा बाजार तैयार हो सकता है। ऐसे में बजाज फाइनेंस जैसी NBFC के लिए अवसर केवल मौजूदा बाजार हिस्सेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाले वर्षों में पूरे क्रेडिट बाजार के विस्तार से भी जुड़े हुए हैं।
(शेयर मंथन, 21 सितंबर 2026)
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