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जेजी केमिकल्स में खरीदारी से पहले कितना करें इंतजार?

जेजी केमिकल्स के शेयर को खरीदने की योजना बना रहे निवेशकों के लिए बाजार विशेषज्ञ ने मौजूदा स्तरों पर थोड़ा इंतजार करने की बात कही है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि केमिकल सेक्टर के शेयरों में हाल में एक तेज रैली देखने को मिली है। ऐसे में अगर आगे भी रैली जारी रहती है तो उससे पहले कुछ करेक्शन या कूल-ऑफ जरूरी हो सकता है, क्योंकि लगातार तेजी के बाद शेयरों में तेजी का दबाव बढ़ रहा है।

जेजी केमिकल्स के शेयर में करीब 555-560 रुपये का स्तर ब्रेकआउट लेवल रहा है, जिसे शेयर एक बार टेस्ट कर चुका है। फिलहाल शेयर करीब 582 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। चार्ट पर करीब 535 रुपये के आसपास एक लो या सपोर्ट बनता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञ के मुताबिक, निवेशकों को फिलहाल 535 रुपये के स्तर पर नजर रखनी चाहिए और खरीदारी के लिए थोड़ा इंतजार करना उचित हो सकता है।

विशेषज्ञ ने यह संभावना भी जताई कि 535 रुपये का स्तर टूट सकता है। हालांकि, इस संभावना को लेकर उन्होंने पूरी तरह निश्चित राय नहीं दी। इसके पीछे तकनीकी कारण बताए गए हैं। शेयर लंबे समय से 20-डे मूविंग एवरेज (20 DMA) के नीचे कारोबार कर रहा है और 20 DMA का स्लोप भी नीचे की ओर है। इसके अलावा शेयर में वॉल्यूम भी कम होते दिखाई दे रहे हैं। ये सभी संकेत करेक्शन की संभावना की ओर इशारा कर सकते हैं।

अगर 535 रुपये का सपोर्ट टूटता है तो शेयर में 500 रुपये से नीचे और करीब 475 रुपये तक की गिरावट की संभावना भी बताई गई है। विशेषज्ञ के अनुसार, 475 से 500 रुपये का क्षेत्र महत्वपूर्ण रहेगा। उनका कहना है कि शेयर का मौजूदा ट्रेंड तब तक पूरी तरह नहीं बदलेगा, जब तक 475 रुपये के नीचे लगातार क्लोजिंग देखने को नहीं मिलती। यानी 535 रुपये का स्तर टूटने के बावजूद 475 रुपये का स्तर तकनीकी तौर पर ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

JG Chemicals की एक खास बात इसका कारोबार भी है। चर्चा में बताया गया कि कंपनी का मार्केट कैप करीब 2,500 करोड़ रुपये है, यानी आकार के लिहाज से यह एक छोटी कंपनी है। लेकिन जिंक ऑक्साइड के कारोबार में कंपनी की स्थिति मजबूत बताई गई। चर्चा के अनुसार, जिंक ऑक्साइड में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी काफी बड़ी है और इस खास क्षेत्र में यह देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है। यानी कुल बाजार आकार छोटा होने के बावजूद कंपनी एक खास नीश सेगमेंट में महत्वपूर्ण स्थिति रखती है।

हालांकि, विशेषज्ञ ने यह भी स्पष्ट किया कि जिंक ऑक्साइड के अलग-अलग उपयोग और इसके केमिकल बिजनेस की बारीकियों का उनका विस्तृत विश्लेषण नहीं है। इसलिए उन्होंने कंपनी के कारोबार के बजाय उपलब्ध वित्तीय और वैल्यूएशन पैरामीटर के आधार पर बात रखी। उनके मुताबिक, मौजूदा स्तरों पर कंपनी का वैल्यूएशन कुछ ज्यादा दिखाई देता है और करीब 20% तक प्रीमियम नजर आता है।

कंपनी की ग्रोथ को लेकर भी चर्चा हुई। अगर 25%, 30% या 40% की ग्रोथ को आधार माना जाए तो तस्वीर बेहतर दिखाई दे सकती है, लेकिन विशेषज्ञ के अनुसार यह ग्रोथ लगातार एक समान नहीं रही है। इसी वजह से मौजूदा वैल्यूएशन को लेकर सावधानी की जरूरत बताई गई। चर्चा में करीब 25 गुना के P/E को ज्यादा पसंद करने की बात कही गई, जबकि 30 गुना के आसपास का P/E करीब 17-18% अतिरिक्त वैल्यूएशन दर्शा सकता है।

इस आधार पर 580 रुपये के आसपास की कीमत से 15% की गिरावट को देखें तो शेयर करीब 490 रुपये के स्तर पर आ सकता है, जो 475-500 रुपये के महत्वपूर्ण दायरे के करीब है। इसलिए विशेषज्ञ के अनुसार, वैल्यूएशन के लिहाज से शेयर में कुछ और ठंडक आने के बाद इसे देखने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल 535 रुपये, 500 रुपये और 475 रुपये के स्तर तकनीकी नजरिए से महत्वपूर्ण रहेंगे।


(शेयर मंथन, 23 सितंबर 2026)

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