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पावर मेक प्रोजेक्ट्स शेयर में 3 साल के लिए कैसा रहेगा निवेश?

पावर मेक प्रोजेक्ट्स के शेयर को लेकर एक निवेशक ने सवाल पूछा कि मौजूदा भाव पर अगर इस शेयर में 3 साल के नजरिए से निवेश किया जाए तो यह कैसा रहेगा?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि कंपनी के वैल्यूएशन, ग्रोथ, मार्जिन और तकनीकी स्तरों का विश्लेषण करते हुए कहा कि मौजूदा वैल्यूएशन पर शेयर में एंट्री को पूरी तरह खराब नहीं कहा जा सकता है। हालांकि, निवेशकों को शेयर की कमाई और महत्वपूर्ण प्राइस लेवल पर नजर बनाए रखनी होगी।

पावर मेक प्रोजेक्ट्स करीब 19-20 के P/E वैल्यूएशन पर उपलब्ध है। अगर कंपनी आने वाले समय में करीब 15-20% की सेल्स ग्रोथ बनाए रखती है और मार्जिन करीब 11% के आसपास रहता है, तो इस वैल्यूएशन को बहुत ज्यादा महंगा नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार करीब 19-20 P/E के स्तर पर एंट्री खराब नहीं है, जबकि 15 P/E से नीचे का वैल्यूएशन इस शेयर के लिए अपेक्षाकृत मजबूत वैल्यूएशन जोन माना जा सकता है।

हालांकि, मौजूदा और संभावित वैल्यूएशन के बीच अंतर को देखते हुए निवेशक के सामने करीब 20% तक का वैल्यूएशन रिस्क हो सकता है। विशेषज्ञ ने समझाया कि अगर शेयर का P/E 19 से घटकर 15 के आसपास आता है तो वैल्यूएशन में कमी देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर कंपनी 15% के आसपास ग्रोथ बनाए रखने में सफल रहती है, तो समय के साथ कमाई में बढ़ोतरी इस वैल्यूएशन अंतर को कुछ हद तक संतुलित कर सकती है। इसी वजह से 3 साल के नजरिए से इसे SIP जैसे तरीके से धीरे-धीरे निवेश करने वाले निवेशक के लिए एक विकल्प माना जा सकता है।

तकनीकी नजरिए से देखें तो विशेषज्ञ ने शेयर के पिछले मूवमेंट का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, 2022 के आसपास शेयर करीब ₹400 के स्तर से बढ़कर ₹600 के आसपास पहुंचा था और इसके बाद हुए करेक्शन के दौरान डबल-बॉटम जैसा पैटर्न देखने को मिला। उन्होंने कहा कि चार्ट पर ऊपर की ट्रेंडलाइन को भी ध्यान में रखना जरूरी है, क्योंकि इससे शेयर में बनने वाले W-शेप रिकवरी पैटर्न को समझने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञ के आकलन के मुताबिक, करीब 2,375 और 2,175 रुपये के स्तरों के बीच का अंतर 200 रुपये बनता है। 2,375 रुपये  के संदर्भ में देखें तो यह लगभग 9-10% का प्राइस रिस्क दिखाता है। वहीं, वैल्यूएशन रिस्क को जोड़ने पर निवेशक को करीब 10-15% के प्राइस रिस्क को ध्यान में रखकर चलना चाहिए। इसके दूसरी तरफ, अगर कंपनी की कमाई उम्मीद के मुताबिक बढ़ती रहती है, तो ऊपर की तरफ रिवॉर्ड खुला रह सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि अगर शेयर करीब 2,175 रुपये के नीचे लगातार क्लोजिंग देने लगता है, तो निवेशकों के बीच कंपनी की कमाई को लेकर सवाल उठ सकते हैं। ऐसे में चार्ट पर लोअर हाई बनने की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए निवेशकों को केवल शेयर के भाव पर नहीं, बल्कि कंपनी के तिमाही नतीजों और कमाई के प्रदर्शन पर भी लगातार नजर रखनी चाहिए।

शेयर में मजबूती की पुष्टि दो तरीकों से हो सकती है। पहला, शेयर करीब ₹3,000 के ऊपर टिकाऊ क्लोजिंग देने लगे। दूसरा, शेयर महत्वपूर्ण सपोर्ट के नीचे लगातार क्लोजिंग न दे और कंपनी की तिमाही कमाई में कोई बड़ा डेंट न आए। इसलिए 3 साल के नजरिए से Power Mech Projects को देखने वाले निवेशकों के लिए वैल्यूएशन के साथ-साथ अर्निंग्स ग्रोथ और प्रमुख तकनीकी स्तरों पर नजर रखना अहम रहेगा।


(शेयर मंथन, 24 सितंबर 2026)

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