रिलायंस इंडस्ट्रीज को लेकर दो साल के नजरिए से सवाल पूछे जाने पर बाजार विश्लेषक ने इसके मौजूदा स्तरों और तकनीकी स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि मुताबिक रिलायंस जितना 1,200 रुपये के करीब आएगा, उतना ही इस शेयर को लेकर उनका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में शेयर को लेकर अभी पूरी तरह आश्वस्त होने के बजाय इसके महत्वपूर्ण सपोर्ट और रिवर्सल संकेतों का इंतजार करना जरूरी है।
तकनीकी स्तरों की बात करें तो विश्लेषक ने 2020 के बाद के ट्रेंड को आधार बनाकर रिलायंस के रिट्रेसमेंट स्तरों का जिक्र किया। उनके मुताबिक करीब ₹1,130 के आसपास 38% रिट्रेसमेंट का स्तर बनता है। वहीं अलग-अलग पुराने और हालिया स्विंग लो को आधार बनाकर किए गए विश्लेषण में करीब 1,100-1,150 रुपये का क्षेत्र महत्वपूर्ण नजर आता है। इस वजह से उनका मानना है कि 1,150 रुपये के आसपास रिलायंस में कोई बड़ा तकनीकी मुद्दा बनने की संभावना कम हो सकती है।
विश्लेषक ने यह भी बताया कि रिलायंस में 2020 के बाद मजबूत तेजी देखने को मिली थी। इसके बाद शेयर ने 1,500-1,600 रुपये के आसपास डबल टॉप बनाया और उसके बाद लगातार लोअर टॉप बनते गए। ऐसे में मौजूदा स्थिति में केवल गिरावट के बाद शेयर को तुरंत मजबूत मानने के बजाय चार्ट पर स्पष्ट रिवर्सल का इंतजार करना जरूरी बताया गया।
उनके मुताबिक 1,200 रुपये के नीचे शेयर के स्थिर होने की कोशिश करने पर स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकती है। अगर शेयर करीब 1,190 रुपये के आसपास आता है और वहां से रिवर्सल देखने को मिलता है, तो जोखिम और संभावित रिटर्न के बीच का अनुपात बेहतर बन सकता है। चर्चा में उदाहरण के तौर पर 1,190 रुपये के आसपास एंट्री और 1,350 रुपये के संभावित रिवर्सल स्तर को लेकर करीब 7.5-8% के जोखिम और लगभग 14% संभावित रिटर्न का गणित बताया गया, हालांकि यह केवल विश्लेषण के उदाहरण के तौर पर रखा गया था।
विश्लेषक ने कहा कि फिलहाल रिलायंस को पूरी तरह जोखिम से बाहर मानने का आधार नहीं है और 'वेट एंड वॉच' की स्थिति रखी जा सकती है। उनके अनुसार शेयर जितना ₹1,200 के नीचे जाएगा, उतनी ही डी-रिस्किंग की गुंजाइश बढ़ सकती है। साथ ही, ऊपर की तरफ हालिया गिरावट के हाई को पार करना भी जरूरी होगा। चर्चा में 1,335 रुपये का स्तर खास तौर पर सामने आया, यानी जब तक रिलायंस इस स्तर को स्पष्ट रूप से पार नहीं करता, तब तक मजबूत रिवर्सल की पुष्टि नहीं मानी जा सकती।
इस तरह दो साल के नजरिए से रिलायंस को लेकर चर्चा में तत्काल तेजी की बजाय महत्वपूर्ण सपोर्ट, संभावित डी-रिस्किंग और रिवर्सल की पुष्टि पर जोर दिया गया। विश्लेषक के अनुसार ₹1,200 के नीचे का क्षेत्र और ऊपर की तरफ 1,335 रुपये का स्तर आगे की दिशा समझने के लिए महत्वपूर्ण रह सकता है।
(शेयर मंथन, 25 सितंबर 2026)
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