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यश हाई वोल्टेज का शेयर महंगा या लंबी अवधि के लिए मजबूत?

यश हाई वोल्टेज को लेकर निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या यह शेयर लंबी अवधि के लिए निवेश के लिहाज से उपयुक्त है और इसके फंडामेंटल कैसे हैं।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि कंपनी स्मॉलकैप या माइक्रोकैप श्रेणी में आती है और मुख्य रूप से ट्रांसफॉर्मर कारोबार से जुड़ी हुई है। पावर सेक्टर में कंपनी की पोजीशनिंग को लेकर उन्हें कोई बड़ी समस्या नजर नहीं आती, लेकिन उनका मुख्य concern कंपनी का मौजूदा वैल्यूएशन है।

कंपनी करीब 40% की ग्रोथ दिखा रही है और सालाना बिक्री भी लगभग 100 करोड़ रुपये के आसपास है। उन्होंने कहा कि ग्रोथ और अन्य रिटर्न रेशियो फिलहाल ठीक दिखाई देते हैं और सेक्टर से जुड़ा कोई बड़ा फंडामेंटल इश्यू नजर नहीं आता। हालांकि, कंपनी का नेट वैल्यूएशन काफी महंगा है। उनके मुताबिक किसी कंपनी की ग्रोथ चाहे कितनी भी तेज क्यों न हो, एक समय के बाद ग्रोथ रेट पर असर पड़ना स्वाभाविक है। ऐसे में मौजूदा ऊंची वैल्यूएशन निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम बन जाती है।

शेयर की हालिया तेजी पर बात करते हुए एक्सपर्ट ने कहा कि स्टॉक में अचानक तेज उछाल आया है और यह ओवरबॉट स्थिति में भी पहुंच गया है। उनके मुताबिक शेयर ने अपने पुराने स्ट्रक्चर को तोड़ते हुए ऊपर की ओर ब्रेकआउट किया है। इस तेजी के पीछे कंपनी की ओर से किया गया प्रेफरेंशियल इश्यू भी एक कारण हो सकता है। कंपनी ने 721 रुपये के भाव पर इक्विटी शेयर और वारंट्स से जुड़ा प्रेफरेंशियल इश्यू किया था, जिसमें आनंद राठी फाइनेंशियल सर्विसेज, क्वांटो कैपिटल, मोतीलाल ओसवाल वैल्यू क्वेस्ट इंडिया और गिफ्ट फंड जैसे निवेशकों की ओर से कुल करीब 151 करोड़ रुपये लगाए गए।

721 रुपये के प्रेफरेंशियल इश्यू भाव से शेयर की कीमत काफी ऊपर जा चुकी है और हालिया तेजी के बाद शेयर लगभग 1,121 रुपये के स्तर तक पहुंच गया था। उनका कहना था कि जिन बड़े निवेशकों को 721 रुपये के आसपास एंट्री मिली, उनके लिए स्थिति अलग है, लेकिन मौजूदा स्तर पर नया निवेश करने वाले निवेशक के पास मार्जिन ऑफ सेफ्टी काफी कम दिखाई देता है। यानी शेयर में पहले ही काफी तेजी आ चुकी है और मौजूदा वैल्यूएशन पर जोखिम बढ़ गया है।

इस स्तर पर यश हाई वोल्टेज को एक सामान्य लॉन्ग-टर्म निवेश स्टॉक के बजाय ज्यादा tactical तरीके से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर शेयर में गिरावट आती है तो करीब 970 रुपये के आसपास एक सपोर्ट देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह स्तर तभी महत्वपूर्ण होगा जब शेयर का मौजूदा ट्रेंड बरकरार रहता है। उनका कहना था कि फिलहाल शेयर काफी खिंचा हुआ और ओवरबॉट है, इसलिए मौजूदा वैल्यूएशन पर सावधानी जरूरी है।


(शेयर मंथन, 28 सितंबर 2026)

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