क्या 22,700 पर टिक पाएगा निफ्टी या गिरावट जारी रहेगी?

मौजूदा समय में निफ्टी लगभग 22,700 के आसपास बंद हो रहा है, लेकिन चार्ट को ध्यान से देखें तो अभी भी बाजार में कमजोरी का ट्रेंड पूरी तरह खत्म होता हुआ नजर नहीं आता।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि फिलहाल चार्ट पर ऐसे स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे कि गिरावट की रफ्तार धीमी पड़ चुकी है या बाजार ने कोई ठोस बॉटम बना लिया है। यानी तकनीकी रूप से अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है।हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण स्तर ऐसे हैं जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। अगर निफ्टी 23,200 से 23,300 के ऊपर क्लोज देता है, तो शॉर्ट कवरिंग शुरू हो सकती है, जिससे बाजार में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। लेकिन असली परीक्षा 23,700 से 24,000 के बीच की रेंज में होगी। यही वह “लिटमस टेस्ट” है, जहां से यह तय होगा कि बाजार में स्थायी रिकवरी आएगी या फिर एक और गिरावट का दौर शुरू होगा। अगर यहां से बाजार फिर कमजोर पड़ता है, तो नीचे की ओर जोखिम अभी भी खुला रहेगा और किसी निश्चित स्तर की भविष्यवाणी करना मुश्किल होगा।

इस माहौल में निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात पोर्टफोलियो मैनेजमेंट बन जाती है। जिन निवेशकों के पास पहले से निवेश है, वे 23,700 से 24,000 के आसपास के स्तर पर 10–15% तक कैश निकालने पर विचार कर सकते हैं, खासकर उन सेक्टर्स से जो मौजूदा परिस्थितियों में ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, ऐसे व्यवसाय जिनमें गैस, तेल या एलपीजी इनपुट कॉस्ट के रूप में उपयोग होते हैं, जैसे टाइल्स, सिरामिक्स, पेंट्स, रेस्टोरेंट्स और कुछ कंजम्प्शन से जुड़े सेगमेंट इन पर दबाव देखने को मिल सकता है। इन कंपनियों का बिजनेस खत्म नहीं होगा, लेकिन उनकी रिकवरी में 6 से 12 महीने की देरी हो सकती है।

इसके विपरीत, कुछ सेक्टर्स ऐसे हैं जहां अपेक्षाकृत स्थिरता या बेहतर अवसर दिख सकते हैं। फार्मा सेक्टर, खासकर वे कंपनियां जिनका फोकस घरेलू बाजार (डोमेस्टिक) पर ज्यादा है, उनमें वेट बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा, कंजम्प्शन सेक्टर में भी वेट बनाए रखना या जरूरत के हिसाब से रीबैलेंस करना उचित हो सकता है। वहीं बीएफएसआई (बैंकिंग और फाइनेंस) सेक्टर में फिलहाल वेट बढ़ाने से बचना चाहिए और मौजूदा निवेश को बनाए रखते हुए स्थिति पर नजर रखना बेहतर रहेगा।

बाजार की दिशा केवल तकनीकी स्तरों से नहीं बल्कि वैश्विक घटनाओं और कमोडिटी कीमतों से भी तय होगी। खासकर कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमत और भू-राजनीतिक हालात महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अगर ब्रेंट क्रूड $90 के नीचे आता है और वैश्विक सप्लाई से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं, तो बाजार को राहत मिल सकती है। इसके अलावा, अप्रैल के मध्य (15–20 अप्रैल) तक बाजार इन सभी फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए एक स्पष्ट दिशा लेने की कोशिश कर सकता है।

अभी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और नीचे की ओर जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने के बजाय, चरणबद्ध तरीके से पोर्टफोलियो को संतुलित करना, रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देना और महत्वपूर्ण स्तरों के ब्रेकआउट का इंतजार करना ही समझदारी भरा कदम होगा।

 



(शेयर मंथन, 07 अप्रैल 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)