सीएलएसए का भारत के लिए बदला रुख, मंदी के बदले अपनाया रचनात्मक नजरिया
सीएलएसए इक्विटी स्ट्रैटेजी (सीएलएसए Equity Strategy) के विकास जैन ने 18 महीने तक भारतीय शेयरों पर मंदी का रुख बनाये रखने के बाद अब रचनात्मक (constructive) नजरिया अपना लिया है।
सीएलएसए इक्विटी स्ट्रैटेजी (सीएलएसए Equity Strategy) के विकास जैन ने 18 महीने तक भारतीय शेयरों पर मंदी का रुख बनाये रखने के बाद अब रचनात्मक (constructive) नजरिया अपना लिया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले नये निचले स्तर पर गिर गया। यह लगातार दूसरा दिन है, जब रुपये ने गिर कर नये निचले स्तर का रिकॉर्ड बनाया है।
भारत की खुदरा महँगाई फरवरी में बढ़कर 3.2% हो गयी, जबकि जनवरी में यह 2.74% थी। यह दिखाता है कि महँगाई अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक के 4% के मीडियम-टर्म टारगेट से काफी नीचे है, फिर भी कीमतों पर दबाव थोड़ा बढ़ा है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए कई अहम नियामकीय और नीतिगत कदमों की घोषणा की। इनका मकसद ग्राहकों की सुरक्षा को मजबूत करना, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और बैंकों, एनबीएफसी (NBFCs) तथा शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए कारोबार की लागत को आसान बनाना है।
बाजार नियामक सेबी (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने 4 फरवरी को कहा कि इक्विटी डेरिवेटिव्स के नियमन को लेकर सेबी फिलहाल किसी तात्कालिक सख्ती के मूड में नहीं है।