बिजनेस क्लैरिटी की कमी, सीमित ग्रोथ और रेंज-बाउंड डांवाडोल, ऐसे में आईएक्स (IEX) में निवेशक क्या करें?

आनंद गवली जानना चाहते हैं कि उन्हें आईएक्स (IEX) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि आईएक्स के बिजनेस मॉडल, उसकी मौजूदा स्थिति और आने वाले समय की दिशा को समझना बेहद जरूरी है। सबसे बड़ी चिंता कंपनी की बिज़नेस क्लैरिटी को लेकर है। पावर एक्सचेंज बिजनेस में जहां बिक्री की दिशा काफी हद तक बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर करती है, वहीं कंपनी के पास प्राइसिंग पावर बिल्कुल नहीं है। एक्सचेंज वही दरें लागू करता है जो नियामक मंज़ूर करे। ऐसे में मार्जिन कभी ऊपर–नीचे हो सकते हैं, लेकिन वह कंपनी की स्वतंत्र क्षमता नहीं, बल्कि परिस्थिति-आधारित बदलाव होते हैं। जब तक कंपनी के ईपीएस (EPS) में ठोस सुधार नहीं होता और अर्जन बढ़कर एक नई पटरी नहीं बनाता, स्टॉक का बड़ा ब्रेकआउट मुश्किल है। यानी कागजी रूप से नतीजे ठीक दिखते हों, लेकिन बिजनेस मॉडल की सीमाएँ और प्रतिस्पर्धा इसे बहुत आकर्षक निवेश नहीं बनने देतीं। स्टॉक में कुछ उतार–चढ़ाव आते रहेंगे, लेकिन यह तेज़ी वाला रॉकेट स्टॉक नहीं है, बल्कि धीमी गति वाला, सीमित दायरे में चलने वाला स्टॉक है।


(शेयर मंथन, 29 नंवबर 2025)

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