एक्सपर्ट से जानें बैंक निफ्टी में कब आएगी रिकवरी?

बैंकिंग सेक्टर, खासकर निफ्टी बैंक इंडेक्स, हाल के दिनों में भारी दबाव में नजर आ रहा है। पिछले कुछ सत्रों में इसमें करीब 2.5% की गिरावट दर्ज की गयी है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार कहते है कि अपने उच्च स्तर करीब 61,700 से फिसलकर यह लगभग 53,700 के आसपास आ गया है, यानी करीब 8,000 अंकों की बड़ी गिरावट देखी जा चुकी है। मौजूदा स्तरों पर यह सितंबर के निचले स्तरों के करीब पहुंच चुका है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यहां से बाजार में वापसी हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक 53,000–53,600 का दायरा एक अहम सपोर्ट जोन बन सकता है, जहां से शॉर्ट कवरिंग के चलते एक उछाल देखने को मिल सकता है। यदि यह बाउंस आता है तो इंडेक्स 57,000-58,000 के स्तर तक जा सकता है, लेकिन यही असली परीक्षा भी होगी, क्योंकि इस स्तर के ऊपर टिके रहना ही मजबूती का संकेत देगा।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो 200-डे मूविंग एवरेज और 57,000 के आसपास का गैप जोन बैंक निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस स्तर को पार कर स्थिर होता है, तभी इसे मजबूत रिकवरी माना जाएगा। वहीं अगर गिरावट जारी रहती है तो 53,000 के नीचे और कमजोरी भी देखने को मिल सकती है। मौजूदा बाजार पूरी तरह से न्यूज-ड्रिवन हो गया है, जहां वैश्विक घटनाएं और खासकर भू-राजनीतिक तनाव बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि किसी भी उछाल को स्थायी तेजी माना जाए या सिर्फ अस्थायी राहत। जब तक वैश्विक हालात, खासकर युद्ध और उससे जुड़ी अनिश्चितता, स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचें और किसी भी तेजी की पुष्टि होने तक इंतजार करें। फिलहाल बाजार में स्थिरता से ज्यादा अनिश्चितता हावी है, इसलिए धैर्य और सतर्कता ही सबसे बेहतर रणनीति मानी जा रही है।


(शेयर मंथन, 17 मार्च 2026)

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