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मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट, लेकिन वैल्यूएशन सामान्य होने से बड़ी गिरावट की आशंका कम

शेयर बाजार में हाल के दिनों में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है। कई इंडेक्स में फ्री-फॉल जैसा माहौल बना हुआ है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी है।

आईटी सेक्टर में दबाव जारी, सपोर्ट के करीब पहुंचा इंडेक्स, फिलहाल निवेश में सतर्कता की सलाह

भारतीय शेयर बाजार में आईटी सेक्टर पर दबाव बना हुआ है और हाल के कारोबारी सत्र में इसमें गिरावट देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स अब उन स्तरों के नीचे फिसलता दिख रहा है, जहां पहले सपोर्ट मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी।

मिडिल ईस्ट संकट के दौर में भी सोना क्यों नहीं दिखा रहा बड़ी तेजी?

वैश्विक तनाव और युद्ध की परिस्थितियों के बीच सोना को लेकर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञ से जानें क्या डॉलर की मजबूती ने सोने की रफ्तार पर लगाया ब्रेक?

GSP क्रॉप साइंस का आईपीओ 18 मार्च तक खुला रहेगा, कंपनी ने बतायी ग्रोथ की रणनीति

कृषि क्षेत्र से जुड़ी कंपनी GSP क्रॉप साइंस का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 16 से 18 मार्च के बीच निवेशकों के लिए खुलेगा। कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए 304 से 320 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

क्या मध्य-पूर्व का तनाव फिर बढ़ाएगा कच्चे तेल की कीमतें? जानें बाजार विशेषज्ञ की राय

वैश्विक तनाव और युद्ध की परिस्थितियों के बीच कच्चे तेल, सोना और चांदी की कीमतों को लेकर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में बाजार विशेषज्ञ से जानें क्या क्या होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट से वैश्विक सप्लाई पर पड़ेगा असर?

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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