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एसबीआई और इंडियन बैंक पर निवेशकों की चिंता, क्या और गिरेगा बैंकिंग शेयर?

एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें एसबीआई और इंडियन बैंक (SBI Indian Bank) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि खासकर एसबीआई के मामले में इसके पिछले साइकिल एनालिसिस को समझना जरूरी है। कोविड के समय बने निचले स्तर से लेकर शेयर में जो तेजी का चक्र चला, उसका अनुमानित लक्ष्य लगभग 1100 से 1250 रुपये के आसपास माना गया था। ऐसे साइकिल टारगेट के करीब पहुंचने पर अक्सर शेयर अपने मूल लक्ष्य से थोड़ा ऊपर-नीचे जा सकता है, जिससे निवेशकों में उत्साह और लालच दोनों पैदा होते हैं। लेकिन ऐसे समय पर जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय धैर्य रखना ज्यादा बेहतर रणनीति मानी जाती है।

कोविड के दौर में जब एसबीआई का शेयर करीब 175-200 रुपये के आसपास था, तब इसमें लंबी अवधि के लिए खरीदारी की बात की जा रही थी और उसी समय से इसमें तेज रैली देखने को मिली। अब जब यह शेयर काफी ऊपर आ चुका है, तो नए स्तरों पर जोखिम भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई निवेशक है तो उसे फिलहाल पीएसयू बैंकों के बजाय निजी बैंकों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। हालांकि ट्रेडर्स के लिए इन शेयरों में सपोर्ट लेवल के पास ट्रेडिंग के मौके बन सकते हैं, लेकिन इसके लिए स्टॉप लॉस के साथ काम करना जरूरी है।

सरकारी बैंकों में गुणवत्ता और आकार के आधार पर कुछ चुनिंदा नामों जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा पर ही ज्यादा फोकस करने की सलाह दी जाती है, जबकि पंजाब नेशनल बैंक को कई विश्लेषक अलग नजरिए से देखते हैं। यदि इन शेयरों में करीब 10-15% की गिरावट आती है तो दोबारा खरीदारी के बेहतर मौके बन सकते हैं, क्योंकि अगले क्रेडिट साइकिल के लिए तब निवेशक अच्छी पोजिशन बना सकते हैं। कुल मिलाकर एसबीआई जैसे बड़े बैंक का शेयर भविष्य में 1000 से 2000 रुपये तक भी जा सकता है, लेकिन सवाल यह है कि निवेशक को किस स्तर पर निवेश करना चाहिए ताकि बेहतर रिटर्न और कंपाउंडिंग का फायदा मिल सके। यही कारण है कि फिलहाल कुछ विशेषज्ञों को वैल्यूएशन के नजरिए से निजी बैंकों में ज्यादा संभावनाएं नजर आती हैं।

(शेयर मंथन, 07 मार्च 2026)

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