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क्या आईटीसी शेयरों में 360 से 370 रुपये की रेंज फिर दिखेगी? एक्सपर्ट से जानें एक साल का आउटलुक

सुनील कुमार जानना चाहते हैं कि उन्हें पर्सिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उनके पास 372 रुपये के भाव पर 50 शेयर हैं और वे एक साल के नजरिए से जानना चाहते हैं कि आगे क्या संभावनाएं बन सकती हैं। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में देखें तो स्टॉक करीब 20 के आसपास के पी/ई मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जिससे यह कहा जा सकता है कि काफी हद तक डाउनसाइड पहले ही प्राइस में फैक्टर हो चुका है। हाल के महीनों में आईटीसी को कई डाउनग्रेड्स का सामना करना पड़ा, जिसके चलते स्टॉक पर दबाव बना रहा।

टेक्निकल दृष्टि से 300 रुपये का स्तर अहम सपोर्ट के रूप में उभरा है। यहां से स्टॉक में एक मजबूत बाउंस देखने को मिला है, जो यह संकेत देता है कि इस दायरे में डिमांड मौजूद है। चार्ट पर हायर हाई और हायर लो का पैटर्न बनना एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, निवेशकों के लिए 307–308 रुपये के नीचे क्लोजिंग को रिस्क मैनेजमेंट का स्तर मानना चाहिए। यदि स्टॉक 300 के नीचे टिकाऊ रूप से फिसलता है, तो नई गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं यदि यह स्तर बरकरार रहता है, तो 360-370 रुपये की रेंज दोबारा देखने को मिल सकती है। फिलहाल इससे बहुत अधिक अपसाइड की स्पष्ट विजिबिलिटी नहीं है।

फंडामेंटल स्तर पर कंपनी का मूल व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन चुनौतियां जरूर बढ़ी हैं। होटल बिजनेस का डीमर्जर हो चुका है, और यदि भविष्य में एफएमसीजी और सिगरेट (सिन) बिजनेस को अलग-अलग किया जाता है, तो वैल्यूएशन और अधिक स्पष्ट हो सकते हैं। वर्तमान में सरकार का फोकस सिगरेट व्यवसाय पर टैक्स और रेगुलेशन के रूप में बना रहता है, जबकि एफएमसीजी सेगमेंट में कंपनी को बेहतर मार्जिन मिलते हैं। जब तक यह संरचनात्मक स्पष्टता नहीं आती, तब तक स्टॉक में तेज और स्थायी री-रेटिंग की उम्मीद सीमित रह सकती है।

एक साल के नजरिए से यह कहा जा सकता है कि बड़ी गिरावट शायद थम चुकी है और स्टॉक एक रेंज में स्थिर हो सकता है। लेकिन 300 रुपये के नीचे कमजोरी दिखे तो रणनीति पर पुनर्विचार करना जरूरी होगा। धैर्य, स्पष्ट स्टॉपलॉस और यथार्थवादी उम्मीदें ही फिलहाल इस स्टॉक में सही अप्रोच मानी जाएंगी।


(शेयर मंथन, 02 मार्च 2026)

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